मुंबई , सितंबर 08 -- महाराष्ट्र वैश्विक मानचित्र पर एक बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रहा है और यह अपने खूबसूरत समुद्र तट, ऐतिहासिक किलों, विरासत स्थल, धार्मिक स्थलों और प्राकृतिक सुंदरता से पर्यटकों को लुभा रहा है।
राज्य में 2025 में लगभग 44.97 लाख विदेशी पर्यटक आये, जिससे विदेशी पर्यटकों के मामले में महाराष्ट्र देश में दूसरे स्थान पर रहा।
पर्यटन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार कुल पर्यटकों के राज्य में आने के मामले में महाराष्ट्र राष्ट्रीय स्तर पर छठे स्थान पर और विदेशी पर्यटकों के आगमन में दूसरे स्थान पर है। मुंबई का आकर्षण अजंता-एलोरा, सह्याद्री पर्वत श्रृंखला के किले, कोंकण के समुद्र तट, धार्मिक स्थल और पश्चिमी महाराष्ट्र के दर्शनीय स्थलों ने राज्य के पर्यटन के विकास में अहम भूमिका निभायी है। राज्य में घरेलू पर्यटन में भी लगातार इजाफा हो रहा है। वर्ष 2021 में महाराष्ट्र में लगभग 4.36 करोड़ घरेलू पर्यटक आये और बाद के वर्षों में इसको और गति मिली।
वर्ष 2025 में राज्य में सबसे अधिक होटल खुले, जिससे लगभग 10,000 नये कमरे जुड़े। रहने की सुविधाओं के विस्तार से पर्यटकों की बढ़ती संख्या को और बल मिलने की उम्मीद है। महाराष्ट्र पर्यटन विकास निगम राज्य के अलग-अलग दर्शनीय स्थलों को उन्नत करने के लिए अभियान चला रहा है। राज्य की नयी पर्यटन नीति को भी अधिक समावेशी बनाया गया है और इसका मकसद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन दोनों को बढ़ावा देना है।
महाराष्ट्र पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय खांडारे ने कहा कि राज्य में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और प्रचार अभियान एवं नयी व्यापक पर्यटन नीति से पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में मदद मिल रही है।
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