नागपुर , अप्रैल 17 -- महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग ने भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) नेता एवं पूर्व सांसद नवनीत राणा पर अमरावती जिले के अचलपुर-परतवाड़ा यौन शोषण मामले में जानबूझकर हिंदू-मुस्लिम विवाद को भड़काने का आरोप लगाया है।के आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान शुक्रवार को यहां पत्रकारों से कहा कि आयोग की एक टीम को स्थिति का आकलन करने और जमीनी स्तर की जानकारी जुटाने के लिए परतवाड़ा भेजा गया है।
उन्होंने आगे कहा कि अमरावती पुलिस आयुक्त राकेश ओला को निर्देश जारी किया गया है कि वह इस मामले में अफवाहें फैलाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ, उनकी राजनीतिक स्थिति की परवाह किए बिना, कड़ी कार्रवाई करें।
सुश्री राणा के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए श्री खान ने कहा कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी से निष्कासित कर देना चाहिए क्योंकि "सबका साथ, सबका विकास" जैसे नारों का समर्थन करने वाली पार्टी को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता नहीं है। इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजा जा रहा है।
श्री खान ने आगे कहा कि पीड़ित लड़कियों के कुछ अभिभावकों ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम के तहत सुश्री राणा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और कहा कि अगर लागू हो तो कानूनी प्रावधान ऐसी कार्रवाई की अनुमति देते हैं।
सुश्री राणा पर सांप्रदायिक अशांति भड़काने का आरोप लगाते हुए श्री खान ने बल देकर कहा कि इस मामले में कोई धार्मिक पहलू नहीं है और उन पर मामले को सनसनीखेज बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी सवाल किया कि अमरावती में मौजूद सुश्री राणा को घटनाक्रम की जानकारी कैसे नहीं मिली।
राज्य प्रशासन का उल्लेख करते हुए श्री खान ने कहा कि विकास में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस मामले में आरोपी के साथ किसी पुलिसकर्मी को फोटो लेते हुए पाया जाता है तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने इस मामले में आरोपी का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला किया है।
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