मुंबई , अक्टूबर 15 -- महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री और राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएआरएसटीसी) के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक ने दिवाली पर बस किराये में 15 प्रतिशत की प्रस्तावित मौसमी बढ़ोतरी को खारिज कर दिया है जिससे यात्रियों को फिलहाल मोहलत मिल गयी है।

एमएआरएसटीसी प्रशासन ने एक नवंबर से 15 नवंबर तक की अवधि के लिए यात्री किराए में एकमुश्त 15 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव भेजा था। मंत्री सरनाईक ने इस सिफारिश को दृढ़ता से ठुकराते हुए इस बात पर जोर दिया कि महंगाई और सूखे की मार झेल रहे आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना पूरी तरह से अनुचित है।

श्री सरनाईक ने कहा, "पहले से ही परेशान जनता के जख्मों पर नमक छिड़कना कतई स्वीकार्य नहीं है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निगम के वित्तीय घाटे की भरपाई के नाम पर आम यात्रियों की जेब पर डाका डालने को किसी भी सूरत में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

एमएआरएसटीसी ग्रामीण महाराष्ट्र की जीवन रेखा है, जो किसानों, खेतिहर मजदूरों, छात्रों, कामकाजी पेशेवरों, वरिष्ठ नागरिकों और दिहाड़ी कामगारों के लिए एक किफायती सफर का जरिया है। श्री सरनाईक ने कहा कि किराया बढ़ने से सीधे तौर पर घरों का बजट बिगड़ जाता, खासकर उन परिवारों के लिए जो पहले से ही कृषि संकट से जूझ रहे हैं।

सरकार की सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए परिवहन मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वित्तीय आंकड़े भले ही अहम हों, लेकिन आम आदमी की तकलीफें और उसकी रोजमर्रा की जद्दोजहद ज्यादा मायने रखती है। उन्होंने परिवहन प्रशासन को निर्देश दिया कि निगम के राजस्व घाटे को पाटने के लिए आम जनता पर बोझ डालने के बजाय वैकल्पिक प्रशासनिक और वित्तीय उपाय तलाशे जाएं।

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