मुंबई , सितंबर 15 -- गणेशोत्सव के पावन पर्व को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन राज्य भर में कई प्रसिद्ध प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं और 15.58 लाख रुपये मूल्य के चार हजार किलोग्राम से अधिक संदिग्ध डेयरी उत्पादों व मिठाइयों को जब्त कर लिया है।
यह कार्रवाई "सुरक्षित खाद्य, सुरक्षित महाराष्ट्र" के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान जनता को शुद्ध व गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्रियां उपलब्ध कराना है।
सरकार के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने बृहन्मुंबई क्षेत्र में 38 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर दूध, खोया, घी और मिठाइयों के 47 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे और नौ प्रमुख प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जिनमें चंदू प्योर घी स्वीट्स, पंजाबी चंदू हलवाई, रूहअफजा बेकरी, शर्मा डेयरी, श्री नारायण डेयरी, गुलशन डेयरी फार्म, त्रिभुवन डेयरी फार्म, महावीर काजू एंड फूड्स और अग्रवाल स्वीट मार्ट शामिल हैं।
इसके अलावा कोलाबा स्थित प्रसिद्ध 'कैफे मोंडेगर' में पके भोजन को 60 डिग्री सेल्सियस से ऊपर और कोल्ड स्टोरेज को 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे न रखने, नमीयुक्त क्षतिग्रस्त फर्श और खराब जलनिकासी जैसी गंभीर खामियां मिलने पर उसका लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया। कंजुरमार्ग स्थित कृष्णा स्वीट्स एंड स्नैक्स पर 20,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि पुणे मंडल के कोल्हापुर स्थित होटल मल्हार वाडा और पुणे के पूरमचंद एंड संस का लाइसेंस भी निलंबित किया गया, जहां एक्सपायर्ड खाद्य उत्पाद पाए गए थे।
कार्रवाई के दौरान एफडीए ने जलगांव में 5.58 लाख रुपये मूल्य का 2,155 किग्रा संदिग्ध 'स्वीट हलवा' और पुणे के दौंड में 'क्रीमी डिलाइट' से 8.50 लाख रुपये का दूध, मक्खन व स्किम्ड मिल्क पाउडर जब्त किया।
इसके साथ ही प्रतिबंधित गुटखा, पान मसाला और सुगंधित तंबाकू के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की गई।
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