मुंबई , सितंबर 13 -- मुंबई पुलिस ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल को 19 सितंबर को यहां स्थित आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने इसके पीछे सार्वजनिक व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और दक्षिण मुंबई में आवश्यक सेवाओं में व्यवधान की आशंकाओं का हवाला दिया है।
श्री पाटिल ने आजाद मैदान में भूख हड़ताल करने के लिए पुलिस से अनुमति मांगी थी और प्रशासन की लगायी गयी सभी शर्तों का सख्ती से पालन करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने इस संबंध में एक वचन पत्र भी सौंपा था।
आजाद मैदान पुलिस ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजू बिडकर ने एक पत्र में कहा कि प्रस्तावित आंदोलन से दक्षिण मुंबई में सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है, जिसमें विद्यालयों, अस्पतालों, व्यवसायों, अदालतों और सार्वजनिक परिवहन का कामकाज बाधित होना शामिल है। इसके अलावा इससे जनस्वास्थ्य पर असर पड़ने और गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होने का खतरा है।
यह फैसला लेते समय पुलिस ने मुंबई में श्री पाटिल के पिछले आंदोलन के अनुभव का भी हवाला दिया है। पिछले प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मराठा आंदोलनकारी शहर में जमा हो गये थे, जिसके परिणामस्वरूप यातायात प्रतिबंध लगाने पड़े थे और नागरिकों को भारी असुविधा हुई थी। पुलिस के अनुसार, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और नगर निगम रोड के आसपास के क्षेत्रों की सड़कों को यातायात के लिए बंद करना पड़ा था।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले आंदोलन के दौरान कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गयी थी, जिसमें आजाद मैदान में 5,000 प्रतिभागियों की सीमा तय करना शामिल था, लेकिन प्रदर्शनकारियों की संख्या तय सीमा से काफी अधिक हो गयी थी। इस कारण यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाये रखने में मुश्किलें पैदा हुई थीं।
अब पुलिस श्री पाटिल को एक नोटिस जारी कर बिना अनुमति प्रस्तावित आंदोलन को आगे न बढ़ाने का निर्देश दे सकती है।इस फैसले के पीछे चल रहे गणेशोत्सव को भी एक अहम कारण बताया गया है। त्योहार के दौरान मुंबई में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कई सुरक्षा उपाय लागू किये हैं।
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