नागपुर , जून 6 -- वरिष्ठ कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने शनिवार को भाजपा-नेतृत्व वाली सत्ताधारी सरकार और वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पर आरोप लगाया कि देश की राजनीतिक व्यवस्था भ्रष्टाचार और धनबल से संचालित होने वाले एक "बाज़ार" की तरह है।

विधान परिषद चुनावों की पृष्ठभूमि में बोलते हुए श्री वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि भाजपा ने भ्रष्टाचार के माध्यम से अकूत संपत्ति जमा की है और "घोटालों के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।" उन्होंने दावा किया कि अब राजनीतिक प्रतिनिधियों को खुलेआम खरीदा और बेचा जा रहा है। विधान परिषद की राजनीति की स्थिति पर एक विवादास्पद टिप्पणी करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि यह व्यवस्था "अत्यंत निचले स्तर" पर गिर चुकी है, जहां सभी दलों के नगरसेवक उम्मीदवारों से पैसों की मांग कर रहे हैं।

श्री वडेट्टीवार ने यह गंभीर दावा किया कि विधान परिषद चुनावों में "70 प्रतिशत मतदाता बिक जाते हैं" और नगरसेवक अक्सर पैसों के लालच में अपनी निष्ठा बदल लेते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत में उनकी खुद की पार्टी द्वारा खड़े किए गए उम्मीदवार भी "बिक" गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सहित सभी राजनीतिक दलों के नगरसेवक उम्मीदवारों से धन की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चुनावों में पैसा देने और लेने वाले दोनों पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि बढ़ते धनबल के कारण ईमानदार उम्मीदवारों का चुनाव लड़ना मुश्किल हो गया है।

सत्तापक्ष पर निशाना साधते हुए श्री वडेट्टीवार ने देश में राजनीतिक बदलाव की शुरुआत होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी से परेशान युवा अब एकजुट हो चुके हैं और वे अब खामोश नहीं बैठेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि महाराष्ट्र में राजनीतिक बदलाव आना तय है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण और कल्याण के मुद्दे पर श्री वडेट्टीवार ने महाराष्ट्र सरकार पर ओबीसी समुदाय का समर्थन न करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार केवल चुनावी लाभ के लिए ओबीसी के पास जाती है। उन्होंने ओबीसी के लिए जनसंख्या के आधार पर फंड आवंटन की वकालत की और समुदाय के लिए 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति रियायतों की मांग की।

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