पुणे , सितंबर 22 -- महाराष्ट्र के मराठवाड़ा में लंबे समय से कम बारिश होने से गंभीर सूखे की स्थिति पैदा हो गयी है जिससे खरीफ की फसल और आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। मराठवाड़ा इलाके में स्थिति खास तौर पर गंभीर है, जहां कई जिलों में बारिश में भारी कमी दर्ज की गई है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस इलाके में लगभग 50 दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई है, जिससे कुल मिलाकर करीब 199 मिमी बारिश की कमी हो गई है। 275 राजस्व मंडलों में बहुत कम बारिश हुई है, जिससे खरीफ की फसल पर बुरा असर पड़ा है और किसान फसल के नुकसान को लेकर चिंतित हैं।

बारिश के असमान वितरण ने स्थिति को और खराब कर दिया है। लातूर में औसत बारिश का सिर्फ 49.82 प्रतिशत हिस्सा ही हुआ है, इसके बाद धाराशिव में 56.03 प्रतिशत और परभणी में 55.26 प्रतिशत बारिश हुई है। बीड में 58.52 प्रतिशत और हिंगोली में औसत बारिश का 68.33 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया गया है।

दूसरे जिलों में भी बारिश का स्तर उनके मौसमी औसत से कम रहा है। छत्रपति संभाजीनगर में औसत बारिश का 72.60 प्रतिशत, जालना में 72.71 प्रतिशत और नांदेड़ में 72.18 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया गया है।

इस इलाके में दर्ज की गई बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं: छत्रपति संभाजीनगर 422 मिमी (72.60 प्रतिशत), जालना 438 मिमी (72.71 प्रतिशत), बीड 331 मिमी (58.52 प्रतिशत), लातूर 351 मिमी (49.82 प्रतिशत), धाराशिव 337 मिमी (56.03 प्रतिशत), नांदेड़ 578 मिमी (72.18 प्रतिशत), परभणी 420 मिमी (55.26 प्रतिशत) और हिंगोली 543 मिमी (68.33 प्रतिशत) है।

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