मुंबई , फरवरी 24 -- महाराष्ट्र खाद्य और औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल के कार्यालय में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई के बाद विपक्ष के नेताओं ने बजट सत्र के दूसरे दिन भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर विधान भवन के अंदर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

मंत्रालय के अंदर एक कक्ष में एसीबी की कार्रवाई पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी, जिन्होंने 'जिरवाल इस्तीफा दो' जैसे नारे लगाये और सरकार पर भ्रष्टाार को छिपाने बचाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी विधान भवन की सीढ़ियों पर जमा हो गये, जिससे राजनीतिक टकराव और बढ़ गया।

महाविकास अघाड़ी के नेताओं ने सुबह से ही आक्रामक रुख अपनाया। विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार, विधायक सत्यजीत पाटिल और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गये।

प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए आरोप लगाया कि फाइलें सिर्फ पैसे से चलती हैं और मंत्रालय पर रिश्वत लेकर काम करने का आरोप लगाया।

श्री वडेट्टीवार ने मीडिया से बात करते हुए सरकार पर करारा हमला करते हुए कहा कि यदि मंत्रालय भवन में ही मंत्री की नाक के नीचे रिश्वत ली जा रही है तो यह दिखाता है कि प्रशासन में भ्रष्टाचार की हद क्या है।

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