पुणे , अप्रैल 02 -- महाराष्ट्र में तेज हवाओं और ओलावृष्टि के साथ हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है।

राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने स्थिति की समीक्षा के बाद बताया कि प्रदेश में 1.22 लाख हेक्टेयर (3.05 लाख एकड़ से अधिक) कृषि भूमि पर फसलें प्रभावित हुई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि नुकसान का आकलन जल्द पूरा कर प्रभावित किसानों को शीघ्र आर्थिक सहायता दी जाएगी।

कृषि मंत्री ने गुरुवार को पुणे जिले के भोर तालुका स्थित वडगांव दल का दौरा कर जमीनी हकीकत जानी। इस दौरान उन्होंने आम के बगीचों और खेतों में खड़ी फसलों का निरीक्षण किया। बेमौसम बारिश के कारण बड़े पैमाने पर फलों के गिरने, पेड़ों के टूटने और तैयार फसलों के बर्बाद होने की रिपोर्टें मिली हैं।

मार्च के अंत में हुई इस बारिश से राज्य के कई जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान नासिक (29,812 हेक्टेयर), अहिल्यानगर (23,633 हेक्टेयर), जलगांव (22,361 हेक्टेयर), धुले (14,832 हेक्टेयर), बुलढाणा (8,507 हेक्टेयर) और छत्रपति संभाजीनगर (8,445 हेक्टेयर) में दर्ज किया गया है।

नुकसान की चपेट में आने वाली फसलों में केला, गेहूं, मक्का, चना, आम, ज्वार, तरबूज, खरबूजा, सब्जियां, अनार, प्याज, संतरा और अंगूर शामिल हैं। कई इलाकों में भंडारण कर रखा गया प्याज सड़ गया है, पपीते के पौधे नष्ट हो गए हैं और खेतों में जलजमाव के कारण खड़ी फसलें गिर गई हैं। इससे किसानों की मेहनत, खाद और मजदूरी पर किया गया निवेश पूरी तरह बर्बाद हो गया है।

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