मुंबई , मई 20 -- महाराष्ट्र सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी तुकाराम मुंढे को खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) विभाग में आयुक्त के पद पर नियुक्त किया है। वर्ष 2005 बैच के इस आईएएस अधिकारी के 21 साल के करियर में यह 25वां तबादला है।
श्री मुंढे को उनके भ्रष्टाचार विरोधी रुख, कड़े अनुशासन और नियमों के सख्त पालन के कारण लोकप्रिय रूप से "सिंघम" भी कहा जाता है। उनका यह ताजा तबादला एक संक्षिप्त प्रशासनिक अनिश्चितता के बाद हुआ है। करीब डेढ़ महीने पहले ही उनका तबादला दिव्यांग कल्याण विभाग के सचिव पद से आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास विभाग में हुआ था। इससे पहले कि वे कुर्सी संभाल पाते, उनकी तैनाती रोक दी गयी। तब से वह अपनी नयी तैनाती का इंतजार कर रहे थे।
सरकार ने श्री मुंढे की वरिष्ठता को ध्यान में रखते हुए एफडीए प्रमुख के पद को सुपर-टाइम पे स्केल में अपग्रेड किया है। वे तत्काल प्रभाव से श्रीधर दुबे की जगह कार्यभार संभालेंगे। श्री दुबे को मुंबई महानगर क्षेत्र झुग्गी पुनर्वास प्राधिकरण (एसआरए) का सीईओ नियुक्त किया गया है।
श्री मुंढे को एफडीए की कमान सौंपने के फैसले के गहरे राजनीतिक और प्रशासनिक मायने हैं। दरअसल पिछले कुछ महीनों के दौरान भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों के कारण इस विभाग को भारी आलोचना का सामना करना पड़ा है। हाल ही में मंत्रालय के भीतर एक एफडीए अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद जनता का आक्रोश चरम पर पहुंच गया था।
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