नागपुर , सितंबर 14 -- महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार को गणेश चतुर्थी के अवसर पर भक्ति और उत्सव का माहौल छा गया। हज़ारों भक्तों ने पारंपरिक उत्साह के साथ भगवान गणेश का अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में स्वागत किया।

पूरा शहर "गणपति बप्पा मोरया" के जयकारों से गूंज उठा। हाथी के सिर वाले देवता की सुंदर सजी-धजी मूर्तियों को ढोल-ताशे की थाप, संगीत और फूलों की बारिश के बीच जुलूस में लाया गया।

इस साल भक्त 12 दिन का गणेशोत्सव मनाएंगे। विसर्जन 25 सितंबर को होगा, जिससे पारंपरिक उत्सव में दो दिन और जुड़ गए हैं।

त्योहार से पहले बाज़ारों में भारी भीड़ देखी गई। लोगों ने मूर्तियां, सजावट का सामान, फूल और पूजा की सामग्री की खरीददारी की।

शहर भर में सार्वजनिक गणेश मंडलों ने भव्य पंडाल बनाए हैं और त्योहार के दौरान कई सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों की योजना बनाई है। 1,000 से ज़्यादा मंडलों ने उत्सव मनाने के लिए नागपुर नगर निगम से अनुमति मांगी है।

सुरक्षा के कड़े इंतज़ामों के बीच, नागरिक और पुलिस अधिकारियों ने लोगों से ज़िम्मेदारी से त्योहार मनाने, सुरक्षा नियमों का पालन करने और मिट्टी की मूर्तियों और पर्यावरण अनुकूल सजावट का इस्तेमाल करके पर्यावरण-अनुकूल तरीकों को बढ़ावा देने की अपील की है।

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