मुंबई , अक्टूबर 20 -- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को सूखा प्रभावित किसानों के लिए एक व्यापक राहत पैकेज का ऐलान करते हुए कहा कि राज्य सरकार और शिवसेना किसान परिवारों के लिए दिवाली को "अंधकारमय" नहीं होने देगी।
मुंबई से दिवाली की आवश्यक खाद्य सामग्री और राशन किट से लदे सैकड़ों राहत ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए, श्री शिंदे ने प्रभावित किसानों के बैंक खातों में 5,000 रुपये के प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण देने की तत्काल घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने उच्च शिक्षा शुल्क में छूट और किसानों की बेटियों की शादी के पूरे खर्च को राज्य द्वारा वहन करने की सहायता का भी ऐलान किया।
दशहरे के अवसर पर यहाँ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस गंभीर प्राकृतिक संकट के दौरान राज्य और केंद्र दोनों सरकारें किसान समुदाय के साथ मजबूती से खड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के किसान एक असाधारण स्थिति का सामना कर रहे हैं। पिछले वर्ष जहां भीषण बेमौसम बारिश के कारण बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी, वहीं इस सीजन में कृषि क्षेत्र में सूखा पड़ा है। श्री शिंदे ने कहा, "हमारे प्रशासन ने खेतों का दौरा किया, किसानों के दर्द को महसूस किया और आधिकारिक तौर पर सूखे की घोषणा की। जब हमारे किसानों की सहायता करने की बात आएगी तो हम एक रुपया भी पीछे नहीं रोकेंगे।"केंद्रीय सहायता पर प्रकाश डालते हुए शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस संकट से निपटने के लिए राज्य को केंद्र की ओर से पूर्ण वित्तीय और रसद सहायता का व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया है।
श्री शिंदे ने प्रमुख राहत उपायों का ब्यौरा देते हुए कहा कि आवश्यक घरेलू सामान ले जाने वाले सैकड़ों राहत ट्रकों को सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। वार्षिक दशहरा रैली मैदान से अतिरिक्त काफिलों को हरी झंडी दिखाई जाएगी, और स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता (शिवसैनिक) घर-घर जाकर सामान पहुंचना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी देरी के आधिकारिक सरकारी संपत्ति और फसल नुकसान आकलन (पंचनामा) रिपोर्ट तैयार करने में किसानों की मदद करने के लिए प्रभावित गांवों में तैनात रहें।
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