जयपुर , फरवरी 24 -- राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार द्वारा महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट विकास योजना के क्रियान्वयन के लिए 275.68 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार कर ली गयी है।
श्रीमती दियाकुमारी ने प्रश्नकाल में विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी के पूरक प्रश्नों का जवाब दे रही थीं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण की अध्यक्षता में गठित समीक्षा समिति द्वारा गत तीन फरवरी को इस डीपीआर अनुसार कार्य कराये जाने का अनुमोदन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि किसी भी नये पर्यटन सर्किट एवं योजना के विकसित होने के बाद प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर स्थानीय आमजन के लिए उपलब्ध होते हैं। राज्य सरकार की भी प्राथमिकता रहेगी कि स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार मिले। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय मेटेरियल सप्लायर्स एवं श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इनके अलावा टूर ऑपरेटर, गाइड, होटल, पार्किंग, कैफेटेरिया, सोवेनियर शॉप्स, हैण्डीक्राफ्ट्स एवं होमस्टे के कार्य से जुड़े लोगों को भी आर्थिक लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट विकास योजना के अंतर्गत विकसित की जाने वाली परिसम्पतियों के विकास से पूर्व इन सम्पतियों के समुचित देखरेख एवं संचालन के संबंध में स्थानीय निकायों से परामर्श कर प्रबंधन किया जाएगा। इन सम्पतियों का नियमित पर्यवेक्षण जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला पर्यटन विकास समिति के माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में इस सर्किट को डिजिटल प्रमोशन सम्बन्धी किसी अन्य योजना से जोड़ने का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा योजनान्तर्गत प्रस्तावित स्थलों का प्रचार-प्रसार संचार के विभिन्न माध्यमों, प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया, विभाग के मीडिया प्लेटफार्म एवं विभागीय मुद्रण सामग्री के माध्यम से कर अधिकाधिक देशी- विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के समुचित प्रयास किये जाएंगे।
इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में पर्यटन मंत्री ने बताया कि राज्य बजट वर्ष 2024-25 के संबंध में प्रस्तुत वक्तव्य (आठ फरवरी, 2024) के पैरा संख्या 55 अन्तर्गत महाराणा प्रताप के जीवन से जुडे विभिन्न स्थलों, चावण्ड-हल्टीघाटी-गोगुन्दा-कुम्भलगढ- दिवेर-उदयपुर आदि को सम्मिलित करते हुए महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट विकसित करने के लिये 100 करोड़ रुपये के प्रावधान करने की घोषणा की गयी थी।
उन्होंने कहा कि परियोजना के क्रियान्वयन के लिए राजस्थान राज्य सड़क विकास निगम एवं राजस्थान धरोहर प्राधिकरण को कार्यकारी एजेन्सी नियुक्त किया गया है तथा परियोजना अन्तर्गत किये जाने वाले कार्यों की मॉनिटरिंग राजस्थान धरोहर प्राधिकरण द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि परियोजना की क्रियान्वयन के लिए डीपीआर तैयार किए जाने के लिए 100 करोड़ रुपये की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति जनवरी, 2025 में जारी की गयी। राजस्थान धरोहर प्राधिकरण द्वारा उक्त परियोजना के लिए तैयार की गयी सीपीआर पर दो लाख 83 हजार पांच सौ रुपये व्यय किये गये हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित