गोरखपुर , मार्च 23 -- पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के क्रम में तराई क्षेत्र स्थित महराजगंज जनपद में आनन्द नगर-घुघुली नई रेल लाइन निर्माण परियोजना का कार्य आरम्भ कर दिया गया है, जिससे क्षेत्रीय विकास के साथ-साथ पड़ोसी देश नेपाल को भी लाभ मिलेगा। पूर्वोत्तर रेलवे के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि इस परियोजना से हिमालय की तलहटी में स्थित महराजगंज जनपद का समग्र विकास होगा। कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण लघु कृषि उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा तथा अब तक रेल संपर्क से वंचित जिला मुख्यालय महराजगंज भी रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस नई रेल लाइन के बन जाने से उत्तर भारत से बाल्मीकिनगर एवं रक्सौल के रास्ते पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे गोण्डा-गोरखपुर खंड पर यातायात का दबाव कम होगा। यह ब्रॉडगेज एवं विद्युतीकृत लाइन होगी। परियोजना के प्रथम चरण में घुघुली से महराजगंज तक नई रेल लाइन के लिए टेंडर अवार्ड किया जा चुका है, जबकि द्वितीय चरण में महराजगंज से आनन्द नगर तक टेंडर प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त आनन्द नगर यार्ड के रीमॉडलिंग का कार्य भी प्रस्तावित है।

प्रवक्ता के अनुसार, परियोजना के लिए 244 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत की जा चुकी है। कुल 51.30 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन पर 25 बड़े पुल, 8 छोटे पुल तथा 44 रोड अंडरपास/सब-वे बनाए जाने हैं, जिनमें से कई पर कार्य प्रगति पर है। इस रेल लाइन पर पिपरा, मुंदारी, शिकारपुर, पकरी नौनिया और परसिया बुजुर्ग सहित चार हाल्ट स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही आनन्द नगर स्टेशन यार्ड तथा महराजगंज स्टेशन भवन का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है।

प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में गोण्डा से पनियहवा तक की दूरी 307 किलोमीटर है, जो नई लाइन बनने के बाद घटकर 265 किलोमीटर रह जाएगी। इससे यात्रा समय में कमी आएगी तथा गोरखपुर जंक्शन पर दबाव कम होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से सीमेंट, खाद, कोयला एवं अनाज की ढुलाई सुगम होगी, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी। यह परियोजना दो चरणों में पूर्ण की जाएगी।

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