बिलासपुर , अगस्त 31 -- छत्तीसगढ़ में बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित महामाया मंदिर परिसर में हुए मारपीट और विवाद के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), मंदिर ट्रस्ट और पुलिस ने अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की है।

युवक की चप्पल से पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ग्रामीण जिला अध्यक्ष मोतीलाल जायसवाल ने रतनपुर अल्पसंख्यक मोर्चा की महामंत्री रेहाना बेगम को जांच अवधि तक पद से मुक्त कर दिया है। वहीं महामाया मंदिर ट्रस्ट ने चार दुकानदारों को सात दिन के भीतर दुकानें हटाने का नोटिस जारी किया है।

पुलिस के अनुसार यह विवाद 22 अगस्त को महामाया मंदिर के गेट के पास हुआ था। चोरी से जुड़े पुराने विवाद को लेकर भाजपा से जुड़े दो पक्ष आमने-सामने आ गए और उनके बीच गाली-गलौज शुरू हो गई। इसी दौरान अल्पसंख्यक मोर्चा की महामंत्री रेहाना बेगम ने दूसरे पक्ष के एक युवक की चप्पल से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसमें रेहाना बेगम बाइक से उतरकर युवक को चप्पल से मारती दिखाई दीं।

विवाद के बाद दोनों पक्षों ने रतनपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। रतनपुर टीआई नीलेश पांडेय के अनुसार, विवाद के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।

आज प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायत के आधार पर रेहाना बेगम के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम के तहत भी अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद ने व्यापक रूप ले लिया।

इस बीच भाजपा ग्रामीण जिला अध्यक्ष मोतीलाल जायसवाल ने रेहाना बेगम को रतनपुर अल्पसंख्यक मोर्चा की महामंत्री के पद से जांच पूरी होने तक मुक्त कर दिया है। जायसवाल ने कहा कि संगठन अनुशासन से जुड़े मामलों में तत्काल संज्ञान लेता है। निष्पक्ष जांच हो और जांच में किसी तरह की बाधा न आए, इसलिए जांच पूरी होने तक उन्हें पदमुक्त किया गया है।

दूसरी ओर महामाया मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर परिसर में विवाद और गाली-गलौज को लेकर भागवत उर्फ राहुल पटेल की महामाया फ्लावर दुकान के साथ ईश्वर प्रधान, चिंकी प्रधान और राजू शर्मा की दुकानों को नोटिस जारी किया है। चारों दुकानदारों को सात दिन के भीतर दुकानें हटाने के निर्देश दिए गए हैं।

ट्रस्ट का कहना है कि विवाद के दौरान गाली-गलौज का वीडियो सामने आने से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। नोटिस में निर्धारित अवधि के भीतर दुकानें नहीं हटाने पर बलपूर्वक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

घटना को लेकर हिंदू संगठनों ने भी महामाया मंदिर ट्रस्ट को ज्ञापन सौंपा है। संगठनों ने मंदिर परिसर में गैर-हिंदुओं की दुकानें बंद कराने की मांग की है। साथ ही नवरात्रि के दौरान एक निजी कंपनी के तेल की खरीद नहीं करने की अपील भी की गई है।

हिंदू संगठनों की ओर से प्रदर्शन की तैयारी भी की गई थी, लेकिन कुछ नेताओं के मौके पर नहीं पहुंचने के कारण मामला फिलहाल ज्ञापन सौंपने तक सीमित रहा। स्थिति को देखते हुए एहतियातन मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।

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