रायपुर , जुलाई 17 -- छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महादेव ऑनलाइन बुक, स्काईएक्सचेंज और अन्य अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जुड़े धन शोधन मामले में जांच तेज करते हुए ईबिक्सकैश के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार कर 24 जुलाई तक दस दिन की हिरासत हासिल की है।
इसी मामले में टीवी प्रेजेंटर एवं पूर्व बिग बॉस प्रतिभागी शेफाली बग्गा से भी लगातार दूसरे दिन रायपुर स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ की गई। एजेंसी के अनुसार मामले में अब तक लगभग 4,000 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्तियां कुर्क , जब्त अथवा फ्रीज की जा चुकी हैं।
ईडी की ओर से आज जारी बयान के अनुसार विकास गर्ग को गत 14 जुलाई को नई दिल्ली में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें नई दिल्ली की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद 15 जुलाई को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने ईडी की दलीलों पर उन्हें 24 जुलाई तक दस दिन की हिरासत में भेज दिया।
एजेंसी का कहना है कि पूछताछ के दौरान अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन, मनी लॉन्ड्रिंग की परतों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।
ईडी ने बताया कि जांच की शुरुआत छत्तीसगढ़ पुलिस के दुर्ग जिले में दर्ज प्राथमिकी तथा छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों में दर्ज अन्य मामलों के आधार पर की गई थी। इन मामलों में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी तथा जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं।
जांच में सामने आया कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज का नेटवर्क विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित "पैनल" व्यवस्था के जरिए काम कर रहा था और गैर-कानूनी सट्टेबाजी गतिविधियों से प्रतिमाह 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई अर्जित की जा रही थी।
ईडी के अनुसार इस अवैध धन को कई स्तरों वाली संरचना के माध्यम से वैध दिखाने का प्रयास किया गया। इसके लिए शेल कंपनियों के जरिए नकदी के बदले "अकोमोडेशन एंट्री" उपलब्ध कराई गई तथा दुबई, मॉरीशस और ब्रिटेन स्थित विदेशी कंपनियों के माध्यम से क्यूआईपी, एफपीआई, एफडीआई और एफसीसीबी मार्ग से निवेश किया गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि यह धन विकास गर्ग के स्वामित्व और नियंत्रण वाली सूचीबद्ध तथा गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में लगाया गया और बाद में विभिन्न स्तरों पर स्थानांतरित कर अमेरिका की कंपनी ईबिक्स में यूनाइटेड स्टेट्स बैंकरप्सी कोर्ट की प्रक्रिया के जरिए 97.58 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने सहित भारत एवं विदेशों में शेयर, प्रतिभूतियों तथा अन्य परिसंपत्तियों में निवेश किया गया।
ईडी ने बताया कि पांच जून 2026 को जारी प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत विकास गर्ग, उनके परिवार के सदस्यों तथा उनके स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनियों की लगभग 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की गई थीं। इनमें आवासीय परिसंपत्तियां, भूमि, इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियां शामिल हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि विकास गर्ग ने जांच के दौरान भी अपराध से अर्जित धन को छिपाने और इधर-उधर करने का प्रयास जारी रखा। इस प्रकरण में अब तक सात प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं तथा विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायतें भी दायर की गई हैं, जिन पर अदालत संज्ञान ले चुकी है।
इस बीच इसी मामले में टीवी प्रेजेंटर और पूर्व बिग बॉस प्रतिभागी शेफाली बग्गा शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन रायपुर स्थित ईडी कार्यालय पहुंचीं। अधिकारियों ने उनसे महादेव नेटवर्क से जुड़े बेटिंग ऐप्स के प्रचार-प्रसार और डिजिटल गतिविधियों के संबंध में पूछताछ की। गुरुवार को भी उनसे लगभग पांच घंटे तक पूछताछ की गई थी।
सूत्रों के अनुसार डिजिटल साक्ष्यों में सामने आई कथित भूमिका के आधार पर शेफाली बग्गा को तलब किया गया है। जांच के दौरान बेटिंग ऐप्स से जुड़े कुछ प्रमोशनल वीडियो, इंटरनेट मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल सामग्री भी एजेंसी के संज्ञान में आई है।
ईडी को संदेह है कि शेफाली बग्गा का महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क के कथित प्रमुख हवाला ऑपरेटर खंजन जगदीश कुमार ठक्कर से संबंध रहा है। एजेंसी के अनुसार खंजन जगदीश कुमार ठक्कर भारत में महादेव ऑनलाइन बुक से जुड़े हवाला लेन-देन और वित्तीय नेटवर्क का संचालन करता था। जांच एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या शेफाली बग्गा दुबई और लंदन जैसे विदेशी शहरों से संचालित बेटिंग ऐप्स के प्रचार-प्रसार से जुड़ी थीं।
ईडी का यह भी दावा है कि शेफाली बग्गा एक टेलीग्राम चैनल संचालित करती हैं, जिस पर गैर-कानूनी बेटिंग गतिविधियों से जुड़े प्रचार और टिप्स साझा किए जाते थे। एजेंसी ने कहा कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।
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