रायपुर , जुलाई 08 -- छत्तसीगढ़ में महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क के कथित संचालक भिलाई शहर के सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किए जाने की सूचना है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी भारतीय एजेंसियों की पहल पर जारी इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर की गई है। भारत सरकार अब उसे प्रत्यर्पित कर वापस लाने की औपचारिक प्रक्रिया में जुटी है।
फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, सौरभ चंद्राकर पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट से ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। बताया गया है कि वह पिछले कुछ समय से संयुक्त अरब अमीरात में रह रहा था। इंटरपोल के रेड कॉर्नट नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। वर्तमान में उसे ओमान की राजधानी मस्कट स्थित उच्च-सुरक्षा वाले अल खौद हिरासत केंद्र में रखा गया है।
सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का निवासी है। शुरुआती दौर में वह कपड़े की दुकान में काम करता था और बाद में उसने जूस का दुकान भी खोला। वर्ष 2019 में वह दुबई चला गया, जहां उसने अपने सहयोगी रवि उप्पल को भी बुला लिया। इसके बाद दोनों ने महादेव ऐप के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी का कारोबार शुरू किया, जो धीरे-धीरे बड़े नेटवर्क में तब्दील हो गया।
महादेव ऐप के माध्यम से उनपर क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, बैडमिंटन जैसे खेलों के अलावा पोकर, तीन पत्ती, वर्चुअल गेम और चुनावी नतीजों तक पर सट्टा लगाए जाने का आरोप है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस नेटवर्क के जरिए करीब 6,000 करोड़ रुपये के अवैध कारोबार और काले घन को वैध बनाने के आरोपों की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 में छत्तीसगढ़ के सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और अतुल अग्रवाल ने महादेव बुक ऐप का शुभारंभ किया था। इसके बाद वर्ष 2020 में सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और अतुल अग्रवाल ने हैदराबाद स्थित रेड्डी अन्ना नामक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म को एक हजार करोड़ रुपए में खरीदा। इसके बाद इस नेटवर्क से जुड़े उपयोगकर्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी और कारोबार हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
वर्ष 2022 में आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ने इस नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई शुरू की, जिसके बाद करीब 6,000 करोड़ रुपये की कथित काले घन को वैध बनाने का मामला सामने आया। मामले की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा जारी है।
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