रायपुर , अगस्त 23 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को कहा कि प्रदेश के कण-कण में देवाधिदेव महादेव विराजमान हैं और यहां की समृद्ध धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपरा राज्य की अमूल्य धरोहर है। सरकार इस विरासत के संरक्षण के साथ धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है।

श्री साय अपनी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय के साथ भिलाई नगर के जयंती स्टेडियम के समीप आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के अंतिम दिन शामिल हुए। उन्होंने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ की इस्पात नगरी भिलाई में पिछले सात दिनों से शिवभक्ति की अविरल धारा प्रवाहित हो रही है। शिव महापुराण कथा के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं को धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिला है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भगवान शिव की आराधना और शक्ति उपासना की प्राचीन परंपरा से समृद्ध रही है। रायपुर के हटकेश्वर महादेव, कबीरधाम के भोरमदेव, राजिम के कुलेश्वर महादेव, चम्पारण के चम्पेश्वर महादेव, गरियाबंद के भूतेश्वर महादेव, सिरपुर के गंधेश्वर महादेव और जशपुर के मधेश्वर महादेव सहित अनेक प्राचीन शिवधाम प्रदेश की आस्था और आध्यात्मिक विरासत के प्रमुख केंद्र हैं।

श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और तीर्थ स्थलों के सुनियोजित विकास के लिए कार्य कर रही है। सूरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी, रतनपुर की मां महामाया, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी के शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार होने के साथ धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को पुनः शुरू किया है, जिसके तहत पात्र श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा का अवसर दिया जा रहा है। वहीं, श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या में रामलला के दर्शन कर चुके हैं।

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