बेतिया , जून 28 -- बिहार सरकार के अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री एवं पश्चिम चम्पारण जिले के प्रभारी मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने रविवार को कहा कि महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने का सबसे प्रभावी माध्यम ग्राम पंचायतें हैं।पश्चिम चम्पारण जिले में रविवार को पंचायत विकास दिवस के अवसर पर सभी 303 ग्राम पंचायतों में जनभागीदारी के साथ कार्यक्रम आयोजित किए गए।
मुख्य जिला स्तरीय समारोह मझौलिया प्रखंड की अमवा मझार ग्राम पंचायत में आयोजित हुआ, जिसमें बिहार सरकार के मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, जीविका दीदियां, आशा कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत पंचायत सरकार भवन परिसर में पौधारोपण से हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री के मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात का सामूहिक श्रवण किया गया।
इस अवसर पर मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने कहा, "महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने का सबसे प्रभावी माध्यम ग्राम पंचायतें हैं। उन्होंने कहा कि संविधान के 73वें संशोधन ने पंचायतों को संवैधानिक अधिकार दिए हैं और आज पंचायतें केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सबसे मजबूत नींव बन चुकी हैं। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि विकास की रोशनी गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए पंचायतों में पारदर्शिता, जनभागीदारी और जवाबदेही को लगातार मजबूत किया जा रहा है।"मंत्री ने कहा कि जून माह की थीम "महिला हितैषी पंचायत" ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी जितनी सशक्त होगी, गांवों का विकास उतना ही स्थायी और प्रभावी होगा। सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाना पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में ई-ग्राम स्वराज, ई-पंचायत तथा अन्य ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से पंचायतों में संचालित योजनाओं, आय-व्यय और विकास कार्यों की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। साथ ही विकास संबंधी सुझाव प्राप्त कर उन्हें निश्चय पोर्टल पर अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
अधिकारियों ने बताया कि पंचायतें वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की प्राप्ति के लिए महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आजीविका और सामाजिक समावेशन सहित नौ प्रमुख विषयों पर कार्य कर रही हैं।
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