अजमेर , मई 20 -- बदलते समय में केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि कौशल, अनुभव और आत्मनिर्भरता भी सफलता की पहचान बन चुके हैं और इसी सोच को साकार करते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर ने विद्यार्थियों के लिए एक अभिनव पहल "लर्न, अर्न एंड पर्फोम" (एलईपी) योजना प्रारम्भ की है, जिसके माध्यम से विद्यार्थी अब उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में कार्य करके आर्थिक सहायता भी प्राप्त कर सकेंगे।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर सुरेश कुमार अग्रवाल के अनुसार यह योजना विद्यार्थियों को "कमाई के साथ पढ़ाई" का सुनहरा अवसर प्रदान करेगी। इसके तहत चयनित विद्यार्थियों को अकादमिक, शोध, डिजिटल, प्रशासनिक, पर्यावरणीय एवं रचनात्मक गतिविधियों में कार्य करने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अध्ययन के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी अर्जित कर सकेंगे।

योजना के तहत विद्यार्थी रिसर्च असिस्टेंस, प्रयोगशाला सहयोग, कंटेंट क्रिएशन, डिजिटाइजेशन, सोशल मीडिया प्रबंधन, इवेंट मैनेजमेंट, डॉक्यूमेंटेशन, हॉर्टिकल्चर, पर्यावरण संरक्षण एवं कार्यालयीय कार्यों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखकर उन्हें वास्तविक कार्य अनुभव एवं प्रोफेशनल कौशल से भी जोड़ना है।

प्रो अग्रवाल ने बताया कि स्नातक स्तर के विद्यार्थियों को प्रतिमाह तीन हजार से पांच हजार तथा स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को पांच हजार से आठ हजार तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा सकेगी। यह योजना विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, नवाचार क्षमता एवं रोजगारपरक दक्षताओं को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पूर्णतः पारदर्शी एवं मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया है। विद्यार्थियों का चयन उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, कौशल, उपस्थिति, अनुशासन एवं साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के माध्यम से प्रतिभाशाली एवं मेहनती विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो अग्रवाल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप कौशल आधारित एवं अनुभवात्मक शिक्षा को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। एलईपी योजना विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगी। वहीं अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से सहयोग देने के साथ विद्यार्थियों को नेतृत्व क्षमता, कार्य संस्कृति और व्यावसायिक अनुभव भी प्रदान करेगी।

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