रायपुर , अक्टूबर 08 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को दुर्ग जिले में आयोजित कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 632 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की राशि अंतरित की। इसके साथ ही योजना के तहत महिलाओं को अब तक प्रदान की गई आर्थिक सहायता 20 हजार 708 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर दुर्ग जिले को 218 करोड़ 48 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात भी दी। उन्होंने 217 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत वाले 23 निर्माण एवं विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा एक करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया।
उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ परिवार और समाज के निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त महिला न केवल अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होती है, बल्कि बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और परिवार के भविष्य से जुड़े निर्णयों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण को नई दिशा मिली है। राज्य सरकार भी महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में एक मार्च 2024 से प्रभावी महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। सितंबर 2026 तक योजना की 31 किस्तों में 20 हजार 75 करोड़ 76 लाख रुपये की राशि वितरित की जा चुकी थी।
इस किस्त के अंतर्गत दुर्ग जिले की तीन लाख 89 हजार 507 पात्र महिलाओं के खातों में 37 करोड़ 19 लाख 10 हजार 250 रुपये की राशि भेजी गई।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजना के माध्यम से मिलने वाली राशि का उपयोग महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, पोषण, घरेलू आवश्यकताओं और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथों में आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराना उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले में सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और विद्युत अधोसंरचना से संबंधित परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पुलगांव पुल मुख्य मार्ग से अंजोरा-रसमड़ा पहुंच मार्ग के लगभग पांच किलोमीटर हिस्से को चार लेन बनाने के लिए 30 करोड़ 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। अहिवारा क्षेत्र में कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर 24 करोड़ छह लाख रुपये तथा जेवरा सिरसा से भटगांव तक सड़क निर्माण पर चार करोड़ 28 लाख रुपये व्यय होंगे।
इसी प्रकार पाटन विधानसभा क्षेत्र में भिलाई-सिरसा-औंधी-औरी-मोतीपुर मार्ग के 15.50 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण पर 15 करोड़ तीन लाख रुपये और भिलाई से तर्रा मार्ग के मजबूतीकरण पर आठ करोड़ 33 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में आठ करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से अधोसंरचना विकास कार्य किए जाएंगे। दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र में चार करोड़ 11 लाख रुपये की लागत से आजीविका महाविद्यालय भवन का निर्माण होगा।
जल संसाधन विभाग के अंतर्गत पाटन, अहिवारा और दुर्ग ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न जलाशयों के जीर्णोद्धार, नहरों के सुधार और जल प्रबंधन से संबंधित कार्यों की आधारशिला रखी गई। इनमें सुरपा व्यपवर्तन योजना, मोहंदी, कपसदा, नंदौरी, तिरगा, गनियारी और रिसाली-उमरपोटी जलाशयों के जीर्णोद्धार के कार्य शामिल हैं।
चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए दुर्ग में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के विद्यार्थियों हेतु 16 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से छात्रावास तथा जिला चिकित्सालय परिसर में 11 करोड़ 96 लाख रुपये की लागत से शासकीय जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया जाएगा।
वहीं, पाटन विधानसभा क्षेत्र में विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए 25 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से जामगांव (आर) में 132/33 केवी उपकेंद्र तथा 14 करोड़ रुपये की लागत से पाटन-जामगांव अति उच्च दाब विद्युत पारेषण लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पाटन उपकेंद्र में दो अतिरिक्त 132 केवी बे के निर्माण पर दो करोड़ 50 लाख रुपये खर्च होंगे।
श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महिला सशक्तीकरण के साथ बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। सड़क, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली से जुड़ी परियोजनाओं के पूरा होने से नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा तथा युवाओं, किसानों और आम नागरिकों को लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आधुनिक अधोसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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