वाराणसी , अगस्त 26 -- श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर काशीवासी बाबा विश्वनाथ को सपरिवार झूले पर विराजमान कराकर पारंपरिक झुलनोत्सव मनाएंगे। इसके लिए टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। बाबा के झूले की साफ-सफाई का कार्य पूरा कर लिया गया है।

मंदिर के महंत पं. वाचस्पति तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) के अवसर पर बाबा की चल प्रतिमा का विश्वनाथ मंदिर में झुलनोत्सव आयोजित किया जाएगा। इससे पूर्व परंपरा के अनुसार गुरुवार को टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर पंचबदन बाबा की चल प्रतिमा का विशेष हरियाली श्रृंगार और पूजन किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि श्रावण पूर्णिमा की शाम बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा का राजसी श्रृंगार करने के बाद उसे टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास से विश्वनाथ मंदिर ले जाया जाएगा। गर्भगृह में प्रतिमा को परंपरागत रूप से झूले पर विराजमान कराकर बाबा का पूजन और झुलनोत्सव किया जाएगा।

महंत ने बताया कि श्रावण पूर्णिमा के दिन परंपरा के अनुसार टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर ब्रह्ममुहूर्त में पं. सुशील त्रिपाठी के आचार्यत्व में 11 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा भगवान शिव परिवार की चल प्रतिमा का विशेष पूजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शाम को नाटकोट क्षेत्र के पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज और डमरू वादन के बीच बाबा की चल रजत प्रतिमा को विश्वनाथ मंदिर ले जाया जाएगा। मंदिर के गर्भगृह में प्रतिमा प्रतिष्ठित करने के बाद बाबा का पूजन किया जाएगा और इसके पश्चात पारंपरिक झुलनोत्सव संपन्न होगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित