जालंधर , अगस्त 25 -- भारतीय क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी (आरएमपीआई) और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को यहां बीएमसी चौक पर महंगाई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने महंगाई विरोधी तख्तियां लेकर विशेष रूप से चीनी और गुड़ की बढ़ती कीमतों पर रोष जताया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कामरेड मंगत राम पासला, सुखदर्शन नट, परगट सिंह जामाराय और गुरजंट सिंह मानसा ने किया। देश भगत यादगार कमेटी के सचिव गुरमीत सिंह और कमेटी सदस्य सुरिंदर कुमारी कोछड़ भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने महंगाई पर नियंत्रण नहीं करने और मिल मालिकों तथा कथित कालाबाजारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महंगाई पर अंकुश लगाने के बजाय बड़े कारोबारियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।
इस अवसर पर नेताओं ने घोषणा की कि 29 सितंबर को पंजाब के बड़े गांवों, शहरों और कस्बों में महंगाई के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन किये जाएंगे, जिनमें आम लोगों की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इससे पहले देश भगत यादगार जालंधर में दोनों पार्टियों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें महंगाई के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में खाद्य वस्तुओं, विशेषकर चीनी और गुड़ की कीमतों में कथित भारी वृद्धि पर चिंता व्यक्त की गयी।
प्रस्ताव में केंद्र सरकार पर महंगाई नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि सरकार की नीतियों से आम जनता और मेहनतकश वर्ग पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। बैठक में पार्टी कमेटियों से 29 सितंबर को गांवों, शहरों और गरीब बस्तियों में महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का आह्वान किया गया। दोनों संगठनों ने देश और प्रदेश के मेहनतकश लोगों से अपील की कि वे बढ़ती महंगाई और केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ गांवों और शहरों में व्यापक विरोध दर्ज करायें।
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