जालंधर , मई 18 -- भारतीय क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी (आरएमपीआई) और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के आह्वान पर सोमवार को पंजाब में महंगाई, कालाबाजारी और पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ी कीमतों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किये गये।

जिला और तहसील मुख्यालयों पर आयोजित इन प्रदर्शनों में हजारों लोगों ने भाग लिया।

पार्टियों की ओर से चलाये जा रहे 'लोगों के पास चलो' अभियान के पहले दिन हुए इन प्रदर्शनों में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गयी और जरूरी वस्तुओं की कथित कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर रोक लगाने की मांग उठायी गयी। यह अभियान 28 मई तक पंजाब के गांवों और शहरों में जारी रहेगा, जिसके तहत जनसभाएं और सार्वजनिक बैठकें आयोजित की जाएंगी।

प्रदर्शनों को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि रसोई गैस, डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम लोगों का जीवन बेहद कठिन हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं पर पड़ेगा, जिससे महंगाई और बढ़ेगी।

वामपंथी नेताओं ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कई बार गिरावट आने के बावजूद देश में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम कम नहीं किये गये। उनका कहना था कि तेल कंपनियों और बड़े पूंजीपतियों के हितों को ध्यान में रखकर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।

नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता की समस्याओं का समाधान करने की बजाय प्रचार और बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए सांप्रदायिक राजनीति की जा रही है। वामपंथी दलों ने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे सांप्रदायिक और अवसरवादी राजनीति से दूर रहकर पंजाब, पंजाबी संस्कृति और भाईचारे की रक्षा के लिए एकजुट हों।

पार्टी नेताओं के अनुसार, सोमवार को पंजाब के विभिन्न जिलों में कुल 29 स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किये गये।

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