हैदराबाद , जून 23 -- तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) अनुशासन समिति के अध्यक्ष और नागरकुरनूल के सांसद मल्लू रवि ने मंगलवार को हैदराबाद में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के खिलाफ कांग्रेस, भाकपा, टीजेएस और वामपंथी दलों द्वारा आयोजित एक बड़े विरोध मार्च में भाग लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया वोट देने के संवैधानिक अधिकार के लिए खतरा पैदा करती है।
यह रैली डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा से बीआरके भवन तक निकाली गई। विभिन्न राजनीतिक दलों और नागरिक समाज संगठनों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों तथा कार्यकर्ताओं ने इस रैली में हिस्सा लिया। सभा को संबोधित करते हुए श्री रवि ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार एसआईआर के जरिये लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वोट देने के अधिकार को कमजोर करने वाले किसी भी कदम का पुरजोर विरोध करेगी। मतदान के अधिकार को उन्होंने भारतीय लोकतंत्र की नींव बताया।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से गरीबों, वंचित तबकों, आदिवासियों, दलितों और अन्य कमजोर वर्गों के नाम हटाने के प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमले के समान हैं। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक लाभ के लिए चुनावी प्रक्रिया का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। श्री रवि ने कहा कि ऐसा करना लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों के लिए खतरा है। बाद में, श्री रवि ने तलंगाना राज्य चुनाव आयोग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसमें एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत वापस लेने और नागरिकों के मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए सुरक्षा उपायों की मांग की गई।
इस विरोध प्रदर्शन में जी. हरगोपाल, कुनमनेनी सांबशिव राव और एम. कोदंडराम सहित प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस, भाकपा, टीजेएस, वामपंथी दलों के नेता, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
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