पुणे , अक्टूबर 17 -- अखिल भारतीय मराठी साहित्य परिषद आगामी 25 अक्टूबर को गुजरात के वडोदरा शहर में अपना ऐतिहासिक 200वां मराठी साहित्य सम्मेलन का आयोजन करेगा।

यह मराठी भाषा और साहित्य को बढ़ावा देने की दिशा में संस्था की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 'सयाजीराजे गायकवाड़ मराठी साहित्य सम्मेलन' का आयोजन परिषद के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शरद गोरे के नेतृत्व में किया जायेगा, जो पिछले 33 वर्षों से संस्था की साहित्यिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।

संस्था के अनुसार अब तक आयोजित सभी 200 सम्मेलन बिना किसी सरकारी अनुदान के केवल जन-सहयोग और भागीदारी से संपन्न हुए हैं। परिषद ने बताया कि उनके कार्यों को 'अमेरिकन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में भी मान्यता मिली है।

ये सम्मेलन न केवल महाराष्ट्र में बल्कि कर्नाटक, तमिलनाडु और गुजरात जैसे राज्यों के साथ-साथ दिल्ली और मॉरीशस में भी आयोजित किये गये हैं, जिससे संस्था का कार्यक्षेत्र महाराष्ट्र से बाहर तक फैला है। इन सम्मेलनों में सामाजिक सुधार, इतिहास, क्षेत्रीय साहित्य और उभरते लेखकों जैसे विभिन्न विषयों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही इन आयोजनों के माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा जोतिबा फुले, सावित्रीबाई फुले, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और संत गाडगे बाबा जैसी महान हस्तियों को भी याद किया गया है।

इसके अलावा नारायण सुर्वे, जीडी. माडगुलकर और पी. सावलाराम जैसी साहित्यिक हस्तियों पर केंद्रित कार्यक्रम भी आयोजित किये गये हैं। इसमें युवाओं, ग्रामीण क्षेत्रों और क्षेत्रीय साहित्य को बढ़ावा देने के लिए भी कई पहल की गयी हैं। इस ऐतिहासिक 200वें सम्मेलन के अध्यक्ष पद के लिए सुप्रसिद्ध साहित्यकार किशोर तिलेकर को चुना गया है।

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