मुंबई , सितंबर 02 -- महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री एवं मराठा आरक्षण से संबंधित मंत्रिमंडल की उप-समिति के अध्यक्ष राधाकृष्ण विखे पाटिल ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल की मांगों के संबंध में अपने मसौदा प्रस्ताव में ज़रूरी बदलाव करने के लिए तैयार है।

श्री पाटिल संभाजीनगर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने मांगों को पूरा करने वाला एक मसौदा पहले ही तैयार करके भेज दिया है। उन्होंने श्री जरांगे से आग्रह किया कि वे प्रस्ताव में किसी भी कमी या विसंगति की ओर इशारा करें ताकि उचित संशोधनों पर विचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के ज़रिए इस मुद्दे को सुलझाने की इच्छुक है और उन्होंने जारी उपवास के कारण श्री जरांगे पाटिल की बिगड़ती सेहत पर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि सरकार मराठा समुदाय की मांगों का समाधान खोजने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार ने पहले ही कई मुद्दों को हल करने की अपनी इच्छा जताई थी, जिनमें उपलब्ध कुनबी रिकॉर्ड को लागू करना, कुनबी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाना, जाति सत्यापन में तेज़ी लाना, कानूनी नज़रिए से हैदराबाद और सतारा गजट से संबंधित मांगों की जांच करना और मराठा आरक्षण से निपटने वाले प्रशासनिक तंत्र को मज़बूत करना शामिल है।

इस बीच, छत्रपति संभाजीनगर ज़िला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों समेत सरकारी अधिकारियों ने अंतरवाली सराटी में श्री जरांगे पाटिल से मिलने की कोशिश की। हालांकि, खबरों के मुताबिक श्री जारांगे पाटिल ने कहा कि वह अधिकारियों से बातचीत नहीं करेंगे और इस बात पर ज़ोर दिया कि राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल विरोध स्थल का दौरा करे। इस गतिरोध के कारण बातचीत की प्रक्रिया एक अहम मोड़ पर पहुँच गयी है।

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