कोलकाता , सितंबर 23 -- पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और ममता तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करने की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग निष्पक्ष रूप से काम करने के बजाय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में काम कर रहा है।
सुश्री बनर्जी की यह बेहद गंभीर प्रतिक्रिया मतदाता सूची के संशोधन और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी कई महत्वपूर्ण फाइलों पर तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के भीतर गंभीर आंतरिक मतभेदों की रिपोर्ट सामने आने के बाद आई है। फेसबुक पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के दो अन्य सदस्यों चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा उठाई गई औपचारिक आपत्तियों ने उन दावों और चिंताओं को सही साबित कर दिया है, जिन्हें वे और उनकी पार्टी लगातार उठाती आ रही थी।
रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में मतदाता पंजीकरण, नामों को हटाने और मतदाता सूची डेटा प्रबंधन से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार लिखित और औपचारिक आपत्तियां जताई थीं।
सुश्री बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया चलाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव और 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव सहित अन्य चुनावों में आयोग के कामकाज से भाजपा को सीधा फायदा पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान काटे गए सभी पात्र मतदाताओं के नाम पुरानी मतदाता सूची में तुरंत बहाल किए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा, "पश्चिम बंगाल में एसआईआर-पूर्व की पुरानी वोटर लिस्ट के आधार पर दोबारा चुनाव कराए जाने चाहिए।"पूर्व मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग के आईटी तंत्र और सॉफ्टवेयर के कामकाज पर सवाल उठाते हुए आईटी अधिकारी सीमा खन्ना की भूमिका की जांच की मांग की और आरोप लगाया कि मतगणना प्रक्रिया को भाजपा के पक्ष में प्रभावित किया गया था।
सुश्री बनर्जी ने क्षेत्रीय दलों और 'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों से चुनाव प्रक्रिया पर हो रहे इस कथित हमले के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने श्री ज्ञानेश कुमार और उनके सहयोगियों के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।
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