कोलकाता , मार्च 28 -- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को चुनाव आयोग पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि आयोग जान-बूझकर अनुभवी अधिकारियों को राज्य से बाहर भेज रहा है।

सुश्री बनर्जी ने कहा कि ऐसा स्थानीय प्रशासन को कमज़ोर करने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चुनाव के दौरान बेहिसाब पैसे, शराब और बाहरी दखलंदाज़ी के ज़रिए स्थिति का फ़ायदा उठाने का मौका देने के लिए किया जा रहा है।

उन्होंने रानीगंज में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, "जो (अधिकारी) स्थानीय इलाकों से अच्छी तरह परिचित थे । ऐसे लगभग 50 से 100 अधिकारियों केरल और तमिलनाडु भेज दिया गया है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि भाजपा का बेहिसाब पैसा, नशीले पदार्थ, गुंडे और बुलडोज़र राज्य में घुस सकें, और दंगे भड़काए जा सकें।"उन्होंने नए तैनात अधिकारियों के लिए भी एक संदेश जारी किया, जिसमें उनसे लोगों के हित में काम करने और किसी भी राजनीतिक दबाव में न आने का आग्रह किया गया। उन्होंने कहा, "जिन लोगों को नयी पोस्टिंग मिली है, मैं उनसे कहना चाहूँगी कि आप राज्य प्रशासन का हिस्सा हैं। अगर आप ठीक से काम करना चाहते हैं, तो लोगों की तरफ देखें। मेरी तरफ देखने की कोई ज़रूरत नहीं है।"मुख्यमंत्री ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का आरोप लगाया और दावा किया कि नाम मनमाने ढंग से हटाए जा रहे हैं और जिस तरीके से विसंगतियों की पहचान की जा रही है, उस पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा, "जो मैं सुन रही हूँ, उसके अनुसार अगर किसी बूथ में 500 नाम हैं, तो 400 नाम हटाए जा रहे हैं। क्या यह कोई मज़ाक है? यह क्या हो रहा है? हमेशा एक लक्ष्मण रेखा होती है, लेकिन भाजपा सभी सीमाएँ पार कर रही है। पहली पूरक सूची कहाँ है? बिल्कुल शुरुआत में ही 58 लाख नाम हटा दिए गए। फिर वे कहते हैं कि 60 लाख 'तकनीकी विसंगतियाँ' हैं। इसका क्या मतलब है? आपने अपने कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) का इस्तेमाल करके गलतियाँ की हैं। क्या आपको शर्म नहीं आती?"सुश्री बनर्जी ने रानीगंज में ज़मीन धंसने की पुरानी समस्या का जिक्र करते हुए जोखिम वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़े पुनर्वास पैकेज की घोषणा की। रानीगंज को ज़मीन धंसने के लिहाज़ से बहुत ज़्यादा संवेदनशील इलाका बताते हुए, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 6,000 फ्लैट बनाने पर पहले ही लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च कर दिये हैं, और 4,000 अन्य फ्लैट अभी बन रहे हैं। उन्होंने लोगों से सुरक्षा के हित में दूसरी जगह जाने का आग्रह किया, और उन्हें आर्थिक और आवास सहायता देने का वादा किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित