भिण्ड , जून 21 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड-ग्वालियर के राष्ट्रीय राजमार्ग-719 पर चंबल नदी के ऊपर निर्मित उच्च स्तरीय सेतु तकनीकी रूप से अनफिट पाए जाने के बाद प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट भिण्ड ने पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 20 जून से लगाया गया है जो चार जुलाई 2026 तक लागू रहेगा।

भिण्ड जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार सड़क सुरक्षा और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से दो, तीन और चार पहिया वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए स्थायी बैरियर लगाए जाएंगे और पुलिस व परिवहन विभाग की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी।

जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम ने चंबल सेतु की स्थिति को लेकर विस्तृत तकनीकी परीक्षण और मूल्यांकन कराने की अनुशंसा की थी। निगम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि सेतु पर आवश्यक संधारण एवं मरम्मत कार्य कराए जाने के साथ लोड टेस्टिंग कराना जरूरी है। विशेषज्ञों की तकनीकी अनुशंसा प्राप्त होने तक भारी वाहनों का आवागमन सुरक्षित नहीं माना गया है।

ग्वालियर-भिण्ड मार्ग पर स्थित यह पुल मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। ऐसे में भारी वाहनों पर रोक के कारण परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों पर आवश्यक यातायात संकेतक लगाने के निर्देश दिए हैं ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो।

भिण्ड कलेक्टर किरोडी लाल मीणा ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित अवधि में आदेश का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 177 सहित अन्य प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने ट्रांसपोर्टरों और वाहन चालकों से निर्धारित अवधि तक वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित