बैतूल , अक्टूबर 31 -- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यरत स्थायी कर्मियों, वनसुरक्षा श्रमिकों और अंशकालीन कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुखर रुख अपनाया है।
मध्य प्रदेश स्थायी कर्मी कल्याण संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने बैतूल दौरे पर आए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर शीघ्र न्याय की गुहार लगाई है। संघ का आरोप है कि तमाम आदेशों के बावजूद पिछले आठ वर्ष से नियमितीकरण की प्रक्रिया कागजों में ही अटकी है।
मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ से संबद्ध इकाई के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण बुंदेले के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों ने कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं। संघ ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग के सात अक्टूबर 2016 को जारी आदेश में चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर स्थायी कर्मियों की नियुक्ति के लिए वर्ष में दो बार बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद बैतूल जिले में आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, जबकि विदिशा, रायसेन, सीहोर, सिवनी, रीवा और छिंदवाड़ा जैसे अन्य जिलों में यह प्रक्रिया संपन्न हो चुकी है।
ज्ञापन में वनसुरक्षा श्रमिकों की दयनीय आर्थिक स्थिति का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। संघ ने आरोप लगाया कि श्रमायुक्त के निर्धारित न्यूनतम वेतन के विपरीत श्रमिकों को मात्र तीन से छह हजार रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इन श्रमिकों से पूरे 30 दिन काम लिया जाता है, लेकिन वेतन केवल 18 दिनों का ही दिया जाता है। संगठन ने मांग की है कि हर महीने के पहले सप्ताह में निर्धारित न्यूनतम वेतन के अनुसार पूरा भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा, कर्मचारियों ने मृत वाहन चालक विजय सोनी के परिवार को अब तक न्याय न मिलने और उनके पुत्र संजय सोनी को दैनिक वेतन भोगी के रूप में काम न दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। साथ ही, दक्षिण सामान्य वनमंडल बैतूल के स्थायी कर्मी एवं संगठन के संरक्षक कृष्णा वाड़बुदे की सेवा बहाली के आदेशों पर अब तक अमल न होने पर भी रोष व्यक्त किया गया।
लोक निर्माण विभाग, नगरपालिका, आदिम जाति कल्याण विभाग और वन विभाग के कर्मचारियों के लिए पदवार वरिष्ठता सूची तैयार कर उन्हें विनियमित करने, सातवें वेतनमान, चिकित्सा सुविधाओं, अनुकंपा नियुक्ति और पेंशन का लाभ देने की भी पुरजोर मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रांताध्यक्ष शारदा सिंह परिहार, जिलाध्यक्ष लक्ष्मण बुंदेले, संरक्षक कृष्णा वाड़बुदे, उपाध्यक्ष लल्लूप्रसाद पवारे और महामंत्री राजेन्द्र ढोके सहित बड़ी संख्या में संघ के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री इस मामले में व्यक्तिगत संज्ञान लेते हुए शीघ्र ठोस निर्णय लेंगे।
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