रायपुर , मई 31 -- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर और बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार की सांस्कृतिक धरोहर का उल्लेख किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव, प्रेरणा और आत्मविश्वास का विषय है।
मुख्यमंत्री ने रविवार को राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ 'मन की बात' की 134वीं कड़ी सुनी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जब देश का सर्वोच्च नेतृत्व किसी राज्य की प्रतिभा और उपलब्धियों का उल्लेख करता है, तो यह केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं और पहचान को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा दिलाने का कार्य करता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 'मन की बात' देशभर की सकारात्मक पहल, नवाचार, प्रतिभाओं और प्रेरक जीवन यात्राओं को राष्ट्रीय पहचान देने का सशक्त मंच बन चुका है।
साय ने कहा कि जशपुर जिले के घुइटांगर गांव से निकलकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर का उल्लेख कर प्रधानमंत्री ने प्रदेश के युवाओं को यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि अनिमेष ने 100 मीटर दौड़ 10.15 सेकंड में पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया है तथा राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुआ संवाद युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। कोविड काल में खेलों के प्रति रुचि बढ़ने से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने की उनकी यात्रा यह साबित करती है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और टीम भावना का संदेश देते हुए खिलाड़ियों को एक-दूसरे को चुनौती देने के साथ सहयोग की भावना बनाए रखने की प्रेरणा दी है। राज्य सरकार भी खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, खेल अधोसंरचना और अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
श्री साय ने कहा कि 'मन की बात' में बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के तहत प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख भी प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं तत्कालीन शासन व्यवस्था, संस्कृति और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करती हैं तथा छत्तीसगढ़ की समृद्ध ऐतिहासिक परंपरा का प्रमाण हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। मल्हार की यह खोज केवल पुरातात्विक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति और ऐतिहासिक चेतना से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है।
उन्होंने कहा कि एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है, वहीं दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी कह रही है। यह छत्तीसगढ़ के लिए दोहरी उपलब्धि है, जो प्रदेशवासियों में आत्मगौरव और नई ऊर्जा का संचार करेगी।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित