, March 23 -- बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम के फिल्म सलाहकार अरविंद रंजन दास ने कहा कि फिल्म उस दर्शन को नए सिरे से आबाद करती है कि भारत और पाकिस्तान, दोनों मुल्क विरासत और इतिहास साझा करते हैं और एक ही लोक-संस्कृति की जमीन पर खड़े हैं, कथित धर्मांधता या उग्र राष्ट्रवाद की दीवार दोनों देशों के बीच फासले पैदा नहीं कर सकती हैं।
फिल्म 'फिल्मिस्तान' को 17वीं बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और मुंबई फिल्म फेस्टिवल में दर्शकों से खूब वाहवाही मिली। वहीं, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ केरल में इसे बेस्ट डेब्यूट के लिए 'सिल्वर क्रो' पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इस फिल्म को 24वें पाल्म स्प्रिंग्स इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, 23वें ट्रॉमसो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, 36वें गोटेबर्ग इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और पांचवें जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया था, जहां इसकी खूब प्रशंसा हुई।फिल्म के निर्देशक और लेखक नितिन कक्कड़ हैं। फिल्म में शारिब हाशमी, इनामुल हक, कुमुद मिश्रा, गोपाल दत्त मुख्य भूमिका में हैं। श्याम श्रॉफ, बालकृष्ण श्रॉफ, सुभाष चौधरी और शैला टन्ना फिल्म के निर्माता हैं।
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