जालना , जून 19 -- मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर मराठा समुदाय की सभी लंबित मांगें 29 अगस्त तक पूरी नहीं होती हैं, तो वह एक और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे।

श्री पाटिल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक प्रसाद लाड की उपस्थिति में कहा कि 29 अगस्त को मराठा आरक्षण आंदोलन के तीन साल हो जाएंगे और उन्होंने सरकार से उससे पहले सभी मांगों काे हल करने की अपील की।

उन्होंने मराठों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय जैसे लाभ देने वाले सरकारी फैसलों को लागू करने पर नाराजगी जाहिर की। सरकार ने हालांकि जरूरी सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी कर दिया है लेकिन आरक्षण कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारी जान-बूझकर इसे लागू करने में देरी कर रुकावटें डाल रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि समुदाय के लोगों का वैध रिकॉर्ड होने के बावजूद कुनबी जाति प्रमाण-पत्र पाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

श्री पाटिल ने एक मराठा-कुनबी मंत्रालय की मांग दोहरायी और कुछ ओबीसी मंत्रियों पर इस प्रस्ताव का विरोध करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कराड, मराठवाड़ा और लातूर जिले के चाकुर जैसे इलाकों में हजारों कुनबी रिकॉर्ड रोके गये हैं, जबकि उनके पास मोदी लिपि में लिखे रिकॉर्ड सहित दस्तावेजी सबूत भी थे।

कार्यकर्ता ने राजस्व अधिकारियों पर सत्यापन प्रक्रिया में रुकावट डालने का भी आरोप लगाया और कहा कि पहले अपलोड किए गए कुनबी रिकॉर्ड हटा दिये गये थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मराठा समुदाय ओबीसी आरक्षण हटाने की मांग नहीं कर रहा है बल्कि चाहता है कि बिना किसी देरी के सही रिकॉर्ड और लाभों को मान्यता दी जाए।

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