मनेन्द्रगढ़ , जनवरी 16 -- छत्तीसगढ के मनेन्द्रगढ जिला प्रशासन ने चैनपुर से चिरमिरी (साजापहाड़) तक 17.40 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण और उन्नत करने की महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। जिला प्रशासन ने परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि की किसी भी प्रकार की खरीद-बिक्री, नामांतरण या अन्य संव्यवहार पर तत्काल प्रभाव से अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है।
शुक्रवार को जिला जनसंपर्क अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक, यह प्रतिबंध तहसील मनेन्द्रगढ़ के गांव मेण्ड्राडोल, परसगढ़ी और चैनपुर में लागू है, जहां सड़क चौड़ीकरण के लिए भूमि की आवश्यकता है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम पारदर्शी और निष्पक्ष भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए है। इससे निर्माण कार्य में देरी नहीं होगी और प्रभावित भू-स्वामियों को 'भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम, 2013' के तहत उचित मुआवजा मिल सकेगा।
परियोजना के सामाजिक प्रभाव का आकलन करने के लिए कलेक्टर द्वारा एक विशेष दल भी गठित किया गया है। यह दल प्रभावित गांवों का दौरा करके स्थानीय निवासियों, किसानों और अन्य हितधारकों पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करेगा। प्रशासन ने ग्रामीणों से इस दल को पूरा सहयोग देने की अपील की है।
इस सड़क के चौड़ा होने से मनेन्द्रगढ़ और चिरमिरी क्षेत्र के बीच आवागमन सुरक्षित, सुगम और तेज हो जाएगा। इससे पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने सभी हितधारकों से आगामी आदेश तक प्रतिबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार का लेन-देन न करने का अनुरोध किया है।
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