हैदराबाद , जून 18 -- तेलंगाना की पंचायत राज मंत्री धनश्री अनसूया सीतक्का ने गुरुवार को आरोप लगाया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित बदलावों से ग्रामीण श्रमिकों पर बुरा असर पड़ेगा और राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई कैबिनेट की अनौपचारिक बैठक के बाद सुश्री सीतक्का ने मीडिया से कहा कि केंद्र सरकार इस ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम को कमजोर करने की कोशिश कर रही है और अब एक जुलाई से 'वीबीजी राम जी' नामक एक संशोधित योजना लागू करने की तैयारी में है।

सुश्री सीतक्का ने बताया कि कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसके बाद प्रस्तावित बदलावों के प्रभावों का अध्ययन करने के लिए चार मंत्रियों की एक उप-समिति का गठन किया गया है। इस समिति में मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी, थुम्माला नागेश्वर राव, विवेक वेंकटस्वामी और वह स्वयं शामिल हैं।

पंचायत राज मंत्री ने कहा कि यह समिति अन्य राज्यों में इस प्रस्तावित योजना के लागू होने के तौर-तरीकों की जांच करेगी, तेलंगाना पर इसके वित्तीय प्रभाव का आकलन करेगी और मजदूरों द्वारा उठायी गयी चिंताओं की समीक्षा करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नये नियमों के तहत काम शुरू होने और खत्म होने के समय अनिवार्य रूप से तस्वीरें खींचने जैसी शर्तें मजदूरों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं, जिससे लोग इस रोजगार गारंटी कार्यक्रम से दूर हो सकते हैं।

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