मोतिहारी , जुलाई 24 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में मनरेगा योजना के क्रियान्वयन की रफ्तार राज्य की तुलना में काफी धीमी पाई गई है। उप विकास आयुक्त (डीडीसी) की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में सामने आया कि मानव दिवस सृजन में जहां बिहार की औसत उपलब्धि 153.72 प्रतिशत है, वहीं पूर्वी चंपारण मात्र 74.65 प्रतिशत पर सिमट गया है। यह स्थिति जिले की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

समीक्षा के दौरान कई प्रखंडों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक पाया गया। संग्रामपुर (41.71%), पहाड़पुर (45.58%), बनकटवा (47.86%), अरेराज (53.32%), मेहसी (55.34%), कोटवा (58.51%) और पताही (59.15%) सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों में शामिल रहे। डीडीसी ने सभी संबंधित कार्यक्रम पदाधिकारियों को तत्काल सुधार करते हुए कम से कम 75 प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने के निर्देश दिये । इससे भी खराब योजनाओं के पूर्णता की उपलब्धि महज 0.60 प्रतिशत है।

बैठक में यह भी सामने आया कि जिले के 56,501 सक्रिय मजदूरों का ई-केवाईसी अब भी लंबित है। अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत ई-केवाईसी पूरा कराने का निर्देश दिया गया।

जियो टैगिंग की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। तीनों चरणों में कुल 4,174 मामले लंबित पाए गए। इनमें सबसे अधिक लंबित मामले पहाड़पुर (242), कल्याणपुर (202), पकड़ीदयाल (195), रामगढ़वा (190), केसरिया (186) और बनकटवा (178) प्रखंडों में हैं। सभी लंबित मामलों का एक सप्ताह में निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।

वहीं मनरेगा योजनाओं की पूर्णता दर भी बेहद खराब रही। जिले में अब तक शुरू की गई 7,69,118 योजनाओं में केवल 4,639 योजनाएं पूरी हो सकी हैं, जो महज 0.60 प्रतिशत उपलब्धि दर्शाती है। डीडीसी ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों को कार्ययोजना बनाकर कम से कम 90 प्रतिशत अपूर्ण योजनाओं को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया।

वृक्षारोपण अभियान भी लक्ष्य से काफी पीछे है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2,628 योजनाओं के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक केवल 164 योजनाएं शुरू हुई हैं, जो 6.24 प्रतिशत उपलब्धि है। इस पर भी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप तत्काल योजनाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए।

राज्य में मनरेगा का प्रदर्शन जहां तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, वहीं पूर्वी चंपारण अधिकांश मानकों पर पिछड़ता नजर आ रहा है। समीक्षा बैठक में डीडीसी ने स्पष्ट संकेत दिए कि यदि निर्धारित समय सीमा में सुधार नहीं हुआ तो जवाबदेही तय की जाएगी।

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