इटावा , मार्च 17 -- इटावा जिला मुख्यालय पर मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मनरेगा मजदूरों के भुगतान में देरी को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया।
कांग्रेस कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में कचहरी परिसर से निकलकर विकास भवन स्थित सीडीओ कार्यालय पहुंचे और वहां मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। उस समय सीडीओ अजय कुमार अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। कांग्रेसियों की ओर से की गई इस कार्रवाई से कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनरेगा योजना के तहत मजदूरों का करीब 75 दिनों से भुगतान नहीं हुआ है। उनका कहना था कि प्रदेश में लगभग दो हजार करोड़ रुपये का मनरेगा भुगतान बकाया है और ग्राम रोजगार सेवकों सहित करीब 40 हजार संविदा कर्मियों को भी पिछले आठ महीनों से मानदेय नहीं मिला है।
कांग्रेस कार्यकर्ता राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन लेकर सीडीओ से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उनके कार्यालय में न मिलने से नाराज होकर उन्होंने गेट पर ताला जड़ दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। बाद में एक अन्य अधिकारी द्वारा ज्ञापन स्वीकार किए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।
पार्टी के जिलाध्यक्ष आशुतोष दीक्षित ने बताया कि मनरेगा मजदूरों और संविदा कर्मियों का भुगतान जल्द कराने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने कहा कि काम किए जाने के बावजूद मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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