श्रीगंगानगर , जून 01 -- राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में मनरेगा योजना दो वर्ष से बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलायें अब सड़क पर उतर आई हैं।

श्रीगंगानगर जिले में मनरेगा योजना दो वर्ष से पूरी तरह बंद है। इसके चलते सैकड़ों परिवार भुखमरी और आर्थिक संकट के कगार पर पहुंच गए हैं। सोमवार को श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने जिला परिषद कार्यालय का घेराव किया और जोरदार प्रदर्शन किया।

अखिल भारतीय खेत एवं मजदूर यूनियन और सीटू के तत्वावधान में आयोजित प्रदर्शन में कामरेड मोहनलाल, वकील सिंह, हरकेवल दीप सिंह, दुर्गा स्वामी, जिला अध्यक्ष पालाराम, सचिव जीतसिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर शामिल हुए इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं।

जनवादी महिला समिति की अध्यक्ष कविता और सचिव सुनीता कुमारी ने अपने दल के साथ धरने को समर्थन दिया। प्रदर्शन के दौरान धरना स्थल पर घोषणा की गई कि 15 जून के बाद पंचायतों का घेराव किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ मनरेगा को तुरंत शुरू करने की मांग की बल्कि दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 700 रुपये करने, वर्ष में कम से कम 200 दिन का काम और कार्यस्थल पर छाया, पीने का पानी और मेडिकल सुविधा जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की मांग भी रखी।

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