बेंगलुरु , फरवरी 23 -- कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर कर दिया है जिससे 55 करोड़ ग्रामीणों के आजीविका' पर खतरा मंडरा रहा है।
कांग्रेस ने इसे इस योजना पर निर्भर भारत की लगभग आधी आबादी पर हमला बताया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा कि ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम मनरेगा देश भर के 11 करोड़ पंजीकृत श्रमिकों के लिए जीवन रेखा बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया, "मनरेगा 11 करोड़ श्रमिकों के जीवन का आधार है। यदि आप प्रति परिवार चार सदस्य जोड़ते हैं, तो लगभग 55 करोड़ लोग इस पर निर्भर हैं। मनरेगा को खत्म और कमजोर कर सरकार ने प्रभावी रूप से रोजगार मांगने के कानूनी अधिकार को छीन लिया है।"श्री सुरजेवाला ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में बनाया गया यह कानून, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 'पवित्र गारंटी' के रूप में परिकल्पित किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस योजना में किसी भी तरह की कटौती या इसे कमजोर करना कांग्रेस पार्टी पर नहीं, बल्कि देश के गरीबों, किसानों और ग्रामीण मजदूरों पर हमला है।
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