बैतूल , मई 26 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में मनरेगा के तहत संचालित 464 विकास कार्यों को 30 जून तक पूरा करने की चुनौती प्रशासन के सामने खड़ी हो गई है। आगामी एक जुलाई से केंद्र सरकार की नई "विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण" योजना लागू होने जा रही है, जिसके बाद कई पुराने कार्य नई योजना में शामिल नहीं रहेंगे।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को नए स्वरूप और नए नाम के साथ लागू किया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। नई योजना में कई बदलाव किए गए हैं, जिनमें कुछ पुराने कार्य हटाए गए हैं, जबकि आजीविका, ग्रामीण अवसंरचना और जल संरक्षण से जुड़े नए कार्य शामिल किए गए हैं।
जिले में वर्तमान में मनरेगा के लगभग 12 हजार कार्य अधूरे बताए गए हैं। इनमें से अधिकांश कार्य नई योजना में समाहित हो जाएंगे, लेकिन 25 श्रेणियों के 70 प्रकार के कुल 464 कार्य ऐसे हैं, जिन्हें नई योजना में शामिल नहीं किया जाएगा।
प्रशासन के अनुसार इनमें से 24 कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि शेष कार्यों को समय सीमा में पूर्ण कराने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने संबंधित विभागों और पंचायतों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्धारित समय तक ये कार्य पूरे नहीं हुए तो संबंधित एजेंसियों को बजट संकट का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि नई योजना के लागू होने के बाद इन कार्यों के लिए राशि उपलब्ध नहीं हो सकेगी।
नई योजना के तहत रोजगार गारंटी अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने का प्रावधान है। इसके अलावा कृषि कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए बुआई और कटाई के व्यस्त मौसम में वर्ष में 60 दिन रोजगार कार्य नहीं कराए जाएंगे। सरकार का दावा है कि नई योजना ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के साथ जल संरक्षण और ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी।
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