महासमुंद , फरवरी 18 -- छत्तीसगढ़ मे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) का नाम "वी बी जी राम जी" किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने बुधवार को "मनरेगा बचाओ संग्राम" के तहत जिला मुख्यालय महासमुंद में कलेक्टोरेट का घेराव किया।

प्रदर्शन में एआईसीसी सचिव व छत्तीसगढ़ प्रदेश के सह प्रभारी विजय जांगिड, संग्राम के प्रदेश प्रभारी एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल, जिले के दोनों विधायक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए।

कांग्रेस भवन में सभा के बाद रैली निकाली गई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्टोरेट पहुंची। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कलेक्टोरेट परिसर के पहले बैरिकेड पर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झूमाझटकी हुई। धक्का-मुक्की के दौरान कुछ पुलिस जवान गिर पड़े, जिन्हें युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने उठाकर उनका डंडा भी वापस थमाया।

प्रदर्शनकारियों ने दूसरे बैरिकेड के पास भी कुछ देर तक नारेबाजी की और बाद में एसडीएम महासमुंद को ज्ञापन सौंपा।

विजय जांगिड ने आरोप लगाया कि योजना का नाम बदलकर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ग्रामीणों को सौ दिन रोजगार की कानूनी गारंटी दी थी, जिसे अब योजना की मूल भावना से हटाकर कमजोर किया जा रहा है।

वहीं उमेश पटेल ने कहा कि मनरेगा कानून में किए गए बदलाव योजना को समाप्त करने की साजिश हैं और यह गरीबों व मजदूरों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है।

स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पांच लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की थी। जिले के चारों एसडीओपी, सभी थाना प्रभारी सहित लगभग 230 पुलिस जवान तैनात किए गए थे, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। प्रदर्शन शांतिपूर्वक समाप्त होने के बाद कार्यकर्ता वापस लौट गए।

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