बैतूल , मार्च 26 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में मनरेगा कार्य के दौरान दीवार गिरने से एक महिला मजदूर की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच और आर्थिक सहायता की मांग की है।
जानकारी के अनुसार खेड़ीसावलीगढ़ निवासी पंजाबराव गीद (53) ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उनकी पत्नी छाया गीद ग्राम पंचायत के अंतर्गत मनरेगा योजना में कार्यरत थीं। वे सेलगांव रोड स्थित नव निर्मित कॉम्प्लेक्स की दुकान क्रमांक 15 की दीवार तोड़ने के कार्य में लगी थीं। 21 मार्च 2026 को कार्य के दौरान अचानक दीवार गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
आवेदन में परिजनों ने निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि दीवार की गुणवत्ता बेहद खराब थी और उसमें लोहे की सरिया का उपयोग नहीं किया गया था, जिससे वह कमजोर हो गई। साथ ही मजदूरों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम कराया जा रहा था, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
पंजाबराव गीद ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि वे एक हाथ से दिव्यांग हैं और मजदूरी करने में सक्षम नहीं हैं। परिवार का भरण-पोषण उनकी पत्नी की आय पर ही निर्भर था। उनकी मृत्यु के बाद परिवार पर आर्थिक संकट गहरा गया है। उनका पुत्र प्रणीत गीद इंदौर में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है, जिस पर भी इसका प्रभाव पड़ने की आशंका है।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मृतका को पिछले तीन माह का मजदूरी भुगतान भी नहीं किया गया है। उन्होंने कलेक्टर से मामले की विभागीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, बकाया मजदूरी दिलाने और आकस्मिक मृत्यु पर मिलने वाली सहायता राशि प्रदान करने की मांग की है।
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