फगवाड़ा , जून 01 -- ब्लॉक विकास एवं पंचायत कार्यालय, फगवाड़ा में तैनात मनरेगा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कई महीनों से लंबित वेतन का भुगतान और सेवाओं का नियमितीकरण शामिल है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने कार्यालय के बाहर धरना देते हुए सरकार पर उनकी समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 10 से 12 वर्षों से ठेका आधार पर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी सेवाएं नियमित नहीं की गयी हैं। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें पिछले छह से सात महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण परिवार का पालन-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि राशन, बच्चों की स्कूल फीस और दाखिले, तथा बुजुर्ग और बीमार परिजनों के इलाज जैसे जरूरी खर्च पूरे करना भी चुनौती बन गया है। कई कर्मचारियों को परिवार चलाने के लिए उधार लेने पर मजबूर होना पड़ा है।
धरने को संबोधित करते हुए एपीओ सुरिंदर पाल सिंह बघाना ने कहा कि विधानसभा चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी ने ठेका कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का कार्यकाल समाप्ति की ओर है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को नियमित करने के बजाय कई महीनों से वेतन भी नहीं दिया गया है।
कर्मचारियों ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने उनकी आर्थिक परेशानियों को और बढ़ा दिया है। उन्होंने पंजाब सरकार से तत्काल सभी बकाया वेतन जारी करने और मनरेगा कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने की मांग की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी।
इस बीच, शिरोमणि अकाली दल नेता रजिंदर सिंह चांदी ने प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का समर्थन करते हुए कहा कि हड़ताल से गांवों में विकास कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने पंजाब सरकार पर विभिन्न वर्गों से किये गये वादे पूरे न करने का आरोप लगाया और कहा कि इसी कारण लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
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