भोपाल , अगस्त 06 -- मध्यप्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक 11 अगस्त को भोपाल में आयोजित होगी, जिसमें प्रदेश में विपक्ष की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने, जनआंदोलनों की रूपरेखा तय करने तथा स्थानीय जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर संगठन की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने आज पत्रकारों से चर्चा में बताया कि बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित पीएसी के वरिष्ठ सदस्य शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि जिला कांग्रेस अध्यक्षों, जिला प्रभारियों और विधानसभा प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के स्थानीय मुद्दों की पहचान कर उन्हें संगठन के माध्यम से प्रमुखता से उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि प्रदेश में नगर निगमों, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, सहकारी संस्थाओं, मंडी समितियों और अन्य स्वायत्त संस्थाओं में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई है। उनका आरोप था कि सहकारी बैंकों में निर्वाचित व्यवस्था समाप्त कर अध्यक्षों की नामित नियुक्ति का प्रावधान लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश की कृषि मंडियों में किसान अव्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जबकि मंडी शुल्क वसूला जा रहा है। उन्होंने नगर निकायों में पेयजल व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर भी राज्य सरकार की आलोचना की।

मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि प्रदेश में खेल संगठनों और अन्य स्वायत्त संस्थाओं का भी राजनीतिक उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पीएसी की बैठक में इन सभी विषयों पर विस्तार से चर्चा कर विपक्ष की आगे की रणनीति तय की जाएगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से प्रदेश में प्रतिशोध की राजनीति समाप्त करने का आग्रह करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को विभिन्न मामलों में निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना जारी रखेगी और किसी भी दबाव से पीछे नहीं हटेगी।

मुकेश नायक ने राजधानी भोपाल के मास्टर प्लान का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि नए मास्टर प्लान को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किए जाने के कारण शहर के सुनियोजित विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पीएसी की बैठक के बाद संगठनात्मक गतिविधियों और जनआंदोलनों की आगामी रूपरेखा भी तय की जाएगी।

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