भोपाल , फरवरी 18 -- मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश कर दिया। वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा ने मध्यप्रदेश विधानसभा सदन में बजट पेश करते हुए इस बजट को 'ज्ञान' से आगे बढ़ाते हुए 'ज्ञानी' थीम पर आधारित बताया है, जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के साथ औद्योगीकरण तथा अधोसंरचना विकास को जोड़ा गया हैउन्होंने बताया कि बजट में पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक प्रभावी पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया है। राज्य शासन के सार्वजनिक उपक्रमों के माध्यम से 17 हजार 350 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय संभावित है, जिससे कुल प्रभावी पूंजीगत व्यय एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगाबजट भाषण के अनुसार वर्ष 2026-27 में कुल प्राप्तियां तीन लाख 89 हजार 397 करोड़ रुपये तथा कुल व्यय तीन लाख 88 हजार 925 करोड़ रुपये अनुमानित है। इस प्रकार शुद्ध लेन-देन 472 करोड़ रुपये अनुमानित है। ऊर्जा क्षेत्र के लिए वर्ष 2026-27 में 34 हजार 65 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है वहीं नगरीय विकास के लिए 21 हजार 561 करोड़ रुपये तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 40 हजार 62 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है ।

जबकि वन एवं पर्यावरण क्षेत्र के लिए छह हजार 151 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। कैम्पा निधि के माध्यम से दो हजार 89 करोड़ रुपये के कार्य कराए जाएंगे। साथ ही 'समृद्धिवन-वनवृद्धि से जन समृद्धि', 'कृषि वानिकी योजना' और 'जनजातीय देव लोक वनों की संरक्षण योजना' जैसी नई योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं प्रदेश में नौ टाइगर रिजर्व के अतिरिक्त सागर जिले में डॉ. भीमराव अम्बेडकर अभयारण्य तथा श्योपुर जिले में जहानगढ़ अभयारण्य स्थापित किए गए हैं। ओरछा, धर्मराजेश्वर (मंदसौर) और बुरहानपुर में सांस्कृतिक वनों की स्थापना भी प्रस्तावित हैस्वास्थ्य क्षेत्र में मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा में नए जिला चिकित्सालय स्थापित किए जा रहे हैं। उच्च जोखिम वाले दूरस्थ क्षेत्रों में 228 बर्थ वेटिंग रूम स्थापित किए गए हैं। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस और स्नातकोत्तर सीटों में भी वृद्धि की गई है सरकार ने कहा है कि यह बजट अधोसंरचना विस्तार, औद्योगीकरण, हरित विकास और जनकल्याण को समन्वित करते हुए प्रदेश को आत्मनिर्भर एवं विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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