उज्जैन , जून 20 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश शासन द्वारा स्थानीय निकायों के माध्यम से गौशाला संचालन का मॉडल विकसित किया गया है। इसके तहत नगरीय एवं ग्रामीण निकायों को गौशाला संचालन के लिए आवश्यक सहयोग एवं सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

मुख्यमंत्री डॉ.यादव एवं केंद्रीय ऊर्जा शहरी विकास एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को ग्राम रत्नाखेड़ी स्थित कपिला गौशाला पहुंचकर गौ-माता की पूजा कर पशु आहार खिलाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कपिला गौशाला के प्रस्तावित कार्य के बारे में मानचित्र के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी गई।

डॉ यादव ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश की गौशालाओं में लगभग चार लाख गोवंश सुरक्षित रूप से संरक्षित किए जा रहे हैं। साथ ही बड़े स्तर पर सामुदायिक गौशाला संचालित करने के इच्छुक संस्थानों एवं व्यक्तियों को भी शासन द्वारा प्रोत्साहन एवं सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि अच्युतानंद महाराज के सहयोग से गौ सेवा एवं गौ संरक्षण के प्रति जनभागीदारी लगातार बढ़ रही है। इंदौर,उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर सहित विभिन्न नगरों में लोग अपने जन्मदिन एवं अन्य विशेष अवसरों पर गौशालाओं में जाकर गौ सेवा करते हैं, जिससे गौ सेवा के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ी है।

उल्लेखनीय है कि रत्ना खेड़ी की कपिला गौशाला में अनुमानित लगभग 2000 गौवंश को रखने की क्षमता विकसित की जा रही है। परियोजना के अंतर्गत चार शेड, प्रत्येक में अनुमानित 500 गोवंश की क्षमता होगी।

मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने गौशाला का निरीक्षण कर जानकारी प्राप्त की। गौशाला के रख- रखाव के लिए नगर निगम द्वारा किये जा रहे कार्यों एवं गौशाला मे गौ वंश के लिए की गई व्यवस्थाओं के लिए नगर निगम की प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि नगर निगम द्वारा इस क्षेत्र का कायाकल्प कर इसे गौ संरक्षण एवं संवर्धन के एक आदर्श केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

इस दौरान नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, एडीएम अत्येंद्र सिंह गुर्जर सहित प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीण जन उपस्थित थे।

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