भोपाल , जून 12 -- साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद् और संस्कृति विभाग ने कैलेण्डर वर्ष 2024 के लिए मध्यप्रदेश की छह बोलियों के साहित्यिक कृति पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। प्रत्येक पुरस्कार के अंतर्गत 51 हजार रुपये, शॉल, श्रीफल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे ने बताया कि कुछ पुरस्कारों के लिए जूरी ने दो श्रेष्ठ कृतियों का संयुक्त रूप से चयन किया है।

घोषित पुरस्कारों के अनुसार मालवी भाषा के लिए संत पीपा स्मृति पुरस्कार श्रीमती सुषमा दुबे की कृति 'गुड़धाणी' तथा नंद किशोर चौहान की कृति 'बुलावो' को संयुक्त रूप से प्रदान किया जाएगा।

निमाड़ी भाषा के लिए संत सिंगा जी स्मृति पुरस्कार सौरभ लाड़ की कृति 'गरीब मनुस का उल्टा पांय' को दिया गया है।

बघेली भाषा के लिए विश्वनाथ सिंह जूदेव स्मृति पुरस्कार रमाकांत द्विवेदी की कृति 'देखा बोलि देब हम' तथा श्रीमती सुषमा मुनीन्द्र की कृति 'लाभ-शुभ' को संयुक्त रूप से प्रदान किया जाएगा।

बुंदेली भाषा के लिए छत्रसाल स्मृति पुरस्कार डॉ. हरिकृष्ण हरि प्रजापति की कृति 'माटी के गीत' तथा डॉ. रंजना शर्मा की कृति 'बुंदेली रामायण मोरे राम' को संयुक्त रूप से चयनित किया गया है।

अकादमी ने बताया कि भीली भाषा के लिए टंट्या भील स्मृति पुरस्कार तथा गोंडी भाषा के लिए रानी दुर्गावती स्मृति पुरस्कार हेतु कोई प्रविष्टि प्राप्त नहीं हुई, इसलिए इन दोनों श्रेणियों में पुरस्कार घोषित नहीं किए गए हैं।

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