पटना , अक्टूबर 22 -- बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के सहयोग से मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन का कारोबार महिलाओं के लिए रोजगार, नियमित आमदनी और आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इस पहल से जुड़ी महिला उद्यमिता का एक उल्लेखनीय उदाहरण वैशाली की मधुग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड है, जिसका संचयी कारोबार अब तक लगभग 5.4 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

14 अक्टूबर 2020 को गठित इस कंपनी को जीविका की ओर से शुरुआती तौर पर 71.47 लाख रुपये का वित्तीय सहयोग मिला था। इस सहायता ने मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन और उसके व्यावसायिक विपणन को संगठित रूप देने में अहम भूमिका निभाई। आज कंपनी से वैशाली, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, भागलपुर और समस्तीपुर जिलों की 675 महिला शेयरधारक जुड़ी हुई हैं। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के सामूहिक प्रयास, उद्यमशीलता और आर्थिक आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बन रही है।

मधुग्राम महिला प्रोड्यूसर कंपनी वित्तीय वर्ष 2022-23 से लगातार मुनाफा अर्जित कर रही है। इस उद्यम के माध्यम से राज्यभर में 11,855 जीविका दीदियों को मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन से आजीविका के अवसर उपलब्ध हुए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ महिलाओं की आमदनी के नए रास्ते खुले हैं।

मधुमक्खी पालन की खासियत यह है कि महिलाएं स्थानीय स्तर पर शहद का उत्पादन और बिक्री कर अपनी जरूरतों के अनुरूप आय अर्जित कर सकती हैं। वहीं, संगठित बाजार व्यवस्था से जुड़ने पर उनके उत्पादों को व्यापक बाजार भी मिल रहा है। इस प्रकार यह गतिविधि केवल शहद उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आर्थिक निर्णयों में अधिक सक्षम बनाने का माध्यम बन रही है।

जीविका दीदियों द्वारा उत्पादित शहद और अन्य खाद्य उत्पादों की बिक्री के लिए विभिन्न विपणन माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। मधुग्राम कंपनी अपने उत्पादों को बिहार सरस मेला, खादी मॉल, खुदरा दुकानों और थोक खरीदारों के माध्यम से बाजार तक पहुंचा रही है। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी उत्पादों की बिक्री को विस्तार दिया जा रहा है।

बेहतर बाजार संपर्क से महिला उत्पादकों को अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने और कारोबार का दायरा विस्तृत करने का अवसर मिल रहा है। इससे महिलाओं में व्यावसायिक समझ, नेतृत्व क्षमता और सामूहिक उद्यम संचालन का अनुभव भी विकसित हो रहा है।

ग्रामीण विकास विभाग की इस पहल का व्यापक उद्देश्य महिलाओं को आजीविका के स्थायी अवसर उपलब्ध कराने के साथ उन्हें उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की पूरी प्रक्रिया से जोड़ना है। प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और बाजार तक पहुंच के माध्यम से मधुमक्खी पालन को ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने वाले एक महत्वपूर्ण व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा रहा है।

ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जन-सम्पर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कहा" पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जीविका की स्थापना ग्रामीण महिलाओं को संगठित करने, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और गांवों में आजीविका के नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल रही है। मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन जैसे व्यवसाय इस पहल को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।

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