मधुबनी , मार्च 17 -- बिहार में मधुबनी जिले की पुलिस ने जाली नोट छापने और उसे बाजार में खपाने वाले एक बड़े सिंडिकेट का खुलासा करने के साथ दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की इस कर्रवाई में गिरफ्तार अपराधियों के पास से 06 लाख 44 हजार रुपये के जाली भारतीय नोट बरामद हुए हैं।
पुलिस अधीक्षक(एसपी) योगेंद्र कुमार ने आज बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जाली नोट गिरोह का एक सदस्य मधुबनी में खेप पहुँचाने आने वाला है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए सदर सब डिविजिनल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) अमित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
इसके बाद अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने फिल्मी अंदाज में जाल बिछाया। टीम के सदस्यों ने नोटों का खरीदार बनकर जाली नोट के कारोबारियों से संपर्क किया और उनसे रुपयों की मांग की। सौदा तय होने के बाद जैसे ही मुख्य आरोपी जाली नोटों की खेप लेकर मधुबनी नगर थाना क्षेत्र में पहुँचा, पुलिस ने उसे एक लाख के जाली नोटों के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सूर्यदेव कुमार उर्फ सूरज कुमार पिता पोखन साह, निवासी हरनौत जिला नालंदा के रूप में हुई है।
कड़ी पूछताछ के बाद सूरज ने अपने नेटवर्क का खुलासा किया। उसकी निशानदेही पर मधुबनी पुलिस ने गया जिले के विश्वविद्यालय थाना अंतर्गत तुरीकला गांव में छापेमारी की। वहां से पुलिस ने दूसरे मुख्य आरोपी उदल पासवान को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उदल पासवान के ठिकाने से जाली नोट बनाने की पूरी मिनी फैक्ट्री बरामद की है, जिसमें शामिल एक आधुनिक कलर प्रिंटर,तीन नोट काटने वाली मशीनें,एक ट्रांसपैरंट टेप, रबर एक सो पीस,स्केल और कैंची,एक स्टेपलर,एक रेजर ब्लेड व अन्य सामग्री शामिल है।
एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह गिरोह पिछले दो वर्षों से जाली नोटों के इस अवैध धंधे में लिप्त था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन लोगों ने बिहार के किन-किन जिलों में जाली नोटों का जाल फैलाया रखा है। इसके लिए गयाजी और नालंदा के पुलिस अधीक्षकों से भी संपर्क साधा जा रहा है,जिससे इनके आपराधिक इतिहास और अन्य मददगारों की जानकारी मिल सके।
इस सफल ऑपरेशन में सदर डीएसपी अमित कुमार,नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार,एसआई विनय कुमार,मोहम्मद फैजुल और अशोक कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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